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एंटीलिया केसः 9 अप्रैल तक NIA की हिरासत में रहेगा सचिन वाज़े, वसूली पर किया खुलासा

सचिन वाजे ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को लेकर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने उनकी बहाली के एवज में उनसे 2 करोड़ रुपये की रकम मांगी थी. NIA को दिए गए लिखित बयान में सचिन वाजे ने यह आरोप लगाए हैं.

सचिन वाजे ने अनिल देशमुख को लेकर खुलासा किया है. (फाइल फोटो) सचिन वाजे ने अनिल देशमुख को लेकर खुलासा किया है. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एनआईए कस्टडी में ही पूछताछ करेगी सीबीआई
  • दो दिन के लिए वाज़े की कस्टडी बढ़ी
  • वाज़े के पत्र में अहम खुलासे

सचिन वाजे ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को लेकर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने उनकी बहाली के एवज में उनसे 2 करोड़ रुपये की रकम मांगी थी. NIA को दिए गए लिखित बयान में सचिन वाजे ने यह आरोप लगाए हैं. वाजे का कहना है कि अनिल देशमुख ने उन्हें बताया था कि वह  पवार उन्हें हटाना चाहते थे लेकिन देशमुख ने उन्हें मनाएंगे. इसके एवज में उन्होंने मुझ से 2 करोड़ रुपये की मांग की थी.

वाजे ने यह भी कहा कि जब उसने देशमुख से कहा कि वह इतना पैसा देने में असमर्थ है तो उन्होंने यह रकम उससे बाद में देने की बात कही थी. वाजे ने पत्र में दावा किया है कि देशमुख ने अक्टूबर 2020 में सहयाद्री गेस्ट हाउस पर उसे बुलाया था. देशमुख ने इस दौरान वाजे से 1650 बार और रेस्त्रां से पैसे वसूलने की बात कही थी. इस पर वाजे ने कहा था कि यह मेरी पहुंच के बाहर है.जुलाई-अगस्त 2020 के महीने में वाजे को मंत्री अनिल पारब ने अपने आधिकारिक बंगले पर बुलाया था. यह वही समय था जब  पुलिस अधिकारियों के 3-4 दिन में आंतरिक तबादले किए जा रहे थे. 

एनआईए की मांग पर बढ़ी कस्टडी

एंटीलिया केस के आरोपी पूर्व एपीआई सचिन वाज़े को अब 9 अप्रैल तक एनआईए की कस्टडी में रहना होगा. स्पेशल कोर्ट ने एनआईए की मांग पर उसकी हिरासत के दो दिन और बढ़ा दिए हैं. वाज़े के वकील अबाद पोंडा ने अदालत को बताया कि एनआईए की मौजूदगी में सीबीआई की पूछताछ दोनों एजेंसियों के लिए फायदेमंद होगी. 

दरअसल, एनआईए ने कोर्ट में कहा था कि उन्हें यह पता लगाना होगा कि एपीआई रैंक के अधिकारी के पास इतनी बड़ी मात्रा में पैसा कैसे था? साथ ही उन्हें यह पता लगाना है कि क्या इसी पैसे से जिलेटिन की छड़ें खरीदी गई थीं? एजेंसी को इस पैसे के स्रोत का भी पता लगाना है. कुछ ऐसे दस्तावेज भी हैं, जिन्हें जब्त करने की आवश्यकता है.

एजेंसी के मुताबिक मनसुख हिरेन भी एक साजिशकर्ता था और उसे बाद में कत्ल कर दिया गया था. एनआईए ने कोर्ट को बताया कि वाज़े से जानकारी हासिल करना आसान नहीं है. वह पुलिस अधिकारी है जो खुद कई मामलों की जांच में शामिल रहा है. उससे पूछताछ करना आसान नहीं है.

 

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