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नजफगढ़ का नाला, दो शव और इलाके में सनसनी... उलझी 6 दिन से लापता दंपति की डेथ मिस्ट्री

दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में मौजूद एक गंदे नाले से दो लाशें मिलने के बाद सनसनी फैल गई. शव मजदूर दंपती के बताए जा रहे हैं, जो 6 दिन से लापता थे. उनकी पहचान मुन्ना लाल और रामवती देवी के तौर पर हुई है. मौत का सच जानन के लिए पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.

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पुलिस मजदूर दंपति की मौत का कारण तलाश रही है (फोटो-ITG)
पुलिस मजदूर दंपति की मौत का कारण तलाश रही है (फोटो-ITG)

दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में दोपहर के वक्त जब एक कैब ड्राइवर की नजर गंदा नाले में पड़ी, तो वहां का मंजर देखकर वो सन्न रह गया. नाले के अंदर एक पुरुष और एक महिला की लाशें पड़ी थीं. शुरुआती जांच में न कोई खून, न संघर्ष के निशान, लेकिन कहानी के भीतर छुपा था एक गहरा राज. वो लाशें छह दिन से लापता मजदूर दंपती की थीं. यह मौत हादसा है या कोई साजिश? अब यही बड़ा सवाल है. 

23 जनवरी 2026, दोपहर करीब 12 बजे 
नजफगढ़ इलाके में ककरोला गंदा नाला पिकेट पर तैनात स्टाफ को एक कैब ड्राइवर ने चौंकाने वाली सूचना दी. ड्राइवर ने बताया कि नाले में एक पुरुष और एक महिला के शव पड़े हैं. सूचना मिलते ही पिकेट स्टाफ ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत पुलिस स्टेशन नजफगढ़ को जानकारी दी. खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया. नाले के आसपास लोगों की भीड़ जमा होने लगी. मामला संदिग्ध लग रहा था क्योंकि एक साथ दो शव मिलने से कई सवाल खड़े हो रहे थे.

मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही पीएस नजफगढ़ से एसआई राज कुमार मौके पर पहुंचे. पुलिस टीम ने गंदा नाला, खेर बाबा मजार के पास से दोनों शवों को बाहर निकलवाया. शवों की हालत देखकर साफ था कि वे कई दिन पुराने हैं और आंशिक रूप से सड़ चुके थे. शुरुआती निरीक्षण में दोनों शवों पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नजर नहीं आए. पुलिस को अंदेशा हुआ कि मृतक मजदूर वर्ग से हो सकते हैं. नाले का इलाका सुनसान होने के कारण मामला और भी रहस्यमय बन गया.

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मोबाइल फोन से खुली पहचान
पुलिस को पुरुष शव के पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जो जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हुआ. मोबाइल में दर्ज नंबर पर संपर्क करने पर मृतकों की पहचान सामने आई. पुरुष की पहचान 58 वर्षीय मुन्ना लाल और महिला की पहचान 55 वर्षीय रामवती देवी के रूप में हुई. दोनों 17 जनवरी 2026 से पीएस बिंदापुर क्षेत्र से लापता थे. दोनों ही मजदूर वर्ग से थे और बेहद साधारण जीवन जीते थे. मोबाइल उनके बेटे रितेश के नाम पर रजिस्टर्ड था, जो खुद भी ऑटो पार्ट से जुड़ा मजदूरी का काम करता है.

साजिश के संकेत नहीं
घटना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम टीम को भी मौके पर बुलाया गया. टीम ने नाले और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया. शुरुआती जांच में किसी तरह की साजिश या हिंसा के स्पष्ट संकेत नहीं मिले. शवों पर बाहरी चोट के निशान न होने से पुलिस फिलहाल किसी बड़े अपराध की आशंका से इनकार कर रही है. हालांकि, एक साथ पति-पत्नी का इस हाल में मिलना कई सवाल छोड़ जाता है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है.

पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का सच
पुलिस ने दोनों शवों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आरटीआरएम अस्पताल भेज दिया है. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत की असली वजह सामने आ सके. पुलिस का कहना है कि फिलहाल कोई फाउल प्ले सामने नहीं आया है, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी. छह दिन से लापता मजदूर दंपती की इस रहस्यमयी मौत ने परिवार को सदमे में डाल दिया है. अब सबकी निगाहें रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस कहानी का अंतिम सच बताएगी.

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