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मुख्तार अंसारी के दोनों बेटों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट के लिए कोर्ट पहुंची पुलिस

बाहुबली मुख्तार अंसारी के लड़के अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में गैर-जमानती वारंट की अर्जी डाली है. दोनों के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में जालसाजी का मुकदमा दर्ज है.

मुख्तार अंसारी के लड़के अब्बास अंसारी और उमर अंसारी मुख्तार अंसारी के लड़के अब्बास अंसारी और उमर अंसारी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हजरतगंज पुलिस पहुंची कोर्ट
  • गैर-जमानती वारंट जारी करने की अर्जी
  • अब्बास और उमर पर 25-25 हजार का इनाम

बाहुबली मुख्तार अंसारी के लड़के अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में गैर-जमानती वारंट की अर्जी डाली है. दोनों के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में जालसाजी का मुकदमा दर्ज है. पुलिस ने दोनों बेटों पर 25 - 25 हजार का इनाम भी घोषित किया है.

मुख्तार अंसारी और उसके बेटो पर दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर सरकारी जमीन कब्जा करने का आरोप है. अब पुलिस, मुख्तार और दोनों बेटों के नाम दर्ज अवैध संपत्तियों की पड़ताल कर रही है. लखनऊ विकास प्राधिकरण और लखनऊ जिला प्रशासन के उन कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी हो रही पड़ताल, जिन्होंने मुख्तार और उसके बेटो को मदद पहुंचाई. 

पुलिस ने मुख्तार का वारंट बी जारी करा पंजाब जेल में तामील कराया है. अब मुख्तार को पूछताछ के लिए यूपी लाने की कोशिश की जा रही है. बताया जा रहा है कि 21 सितम्बर को मुख्तार अंसारी को पुलिस लखनऊ ला सकती है. इसके साथ ही एफआईआर के बाद से फरार अब्बास और उमर की तलाश की जा रही है.

क्या है पूरा मामला
मुख्तार अंसारी और उसके दोनों बेटों पर कार्रवाई हजरतगंज के डालीबाग में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कराने के मुकदमे में की गई है. मुख्तार, उसके बड़े बेटे अब्बास और छोटे बेटे उमर के खिलाफ हजरतगंज की डालीबाग कॉलोनी में निष्क्रांत जमीन पर कब्जा करके दो टॉवर का निर्माण कराने की एफआईआर दर्ज है.

ये दोनों टॉवर एलडीए के दस्ते ने 27 अगस्त को ढहा दिए थे. जियामऊ के लेखपाल सुरजन लाल ने मुख्तार अंसारी और उनके बेटे उमर और अब्बास के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में जालसाजी, साजिश रचने, जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप में केस दर्ज कराया था. 

दरअसल, ये जमीन मोहम्मद वसीम की थी. सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक वसीम साल 1952 में पाकिस्तान चला गया तो संपत्ति निष्क्रांत यानी शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज हो गई. वहीं इस जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर मुख्तार के बेटों ने वहां कब्जा करके दो टॉवर का निर्माण करा लिया था. जमीन पर एक मस्जिद भी बना ली थी.

 

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