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अंजलि सुसाइड केसः शुरुआती रिपोर्ट में पुलिस की लापरवाही, महिला थानेदार लाइन हाजिर

पुलिस सूत्रों की मानें तो अंजली की शिकायत को सुना तो गया लेकिन पुलिस ने एक्शन नहीं लिया. पुलिस की इसी उदासीनता ने उसे तोड़ दिया. कहीं से न्याय नहीं मिलने पर आखिरकार अंजलि ने बीते मंगलवार को लखनऊ पहुंच खुद को आग के हवाले कर जान दे दी.

आत्मदाह की कोशिश करती अंजलि (फाइल फोटो- PTI) आत्मदाह की कोशिश करती अंजलि (फाइल फोटो- PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अंजलि केस में पुलिस की लापरवाही का खुलासा
  • पति से चल रही थी अनबन, किराए पर लिया मकान
  • पुलिस ने शिकायत पर नहीं लिया था कोई एक्शन

लखनऊ में विधानसभा के पास खुद को आग लगाकर जान देने वाली अंजलि उर्फ आयशा मामले में पुलिस की प्रारंभिक जांच में ही महराजगंज सदर महिला थानेदार की लापरवाही उजागर हुई है. मामले को गंभीरता से लेते महिला थानेदार मनीषा सिंह को शनिवार को लाइन हाजिर कर दिया गया. साथ ही विस्तृत जांच जारी है.

जांच पूरी होने के बाद कुछ और लोगों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है. एसपी ने एंटी रोमियो स्क्वायड की प्रभारी एसआई कंचन राय को महिला थाना का इंचार्ज बनाया है.

थानेदार ने नहीं दिखाई गंभीरता

झारखंड की रहने वाली अंजलि मंगलवार को विधानसभा के पास आत्मदाह करने पहुंची और खुद को आग के हवाले कर दिया. उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई.

मामले की जांच शुरू हुई तो पता चला कि प्यार में धोखा मिलने पर वह प्रेमी के घर पहुंची थी. जहां वह प्रेमी के घर में रहने का दावा करने लगी और प्रेमी के घर के सामने ही धरना दे दिया. पुलिस मौके पर पहुंची थी और फिर उसे महिला थाना ले जाया गया. वहां भी वह प्रेमी के घर रहने की गुहार लगाने लगी.

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पुलिस सूत्रों की मानें तो अंजली की शिकायत को सुना तो गया लेकिन पुलिस ने एक्शन नहीं लिया. पुलिस की इसी उदासीनता ने अंजलि को तोड़ दिया. कहीं से न्याय नहीं मिलने पर आखिरकार उसने बीते मंगलवार को लखनऊ पहुंच खुद को आग के हवाले कर जान दे दी.

मामले में अगर शुरू में ही पुलिस गंभीर हुई होती तो आज अंजलि की कहानी कुछ और ही होती. फिलहाल जिला पुलिस अधिकारी अभी मामले की जांच कर रहे हैं और कुछ और पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है.

क्या है पूरा मामला

पहले पति से रिश्ते में आई खटास के बाद अंजलि महराजगंज के वीर बहादुर नगर वार्ड में किराए पर मकान लेकर रहने लगी. उसी मोहल्ला में आसिफ रजा भी रहता था जो राज बनकर अंजलि की जिंदगी में दाखिल हुआ. प्यार-मोहब्बत के बाद अंजलि को लेकर राज गोरखपुर में रहने लगा.

चार अक्टूबर को महराजगंज आई अंजलि ने बताया कि आसिफ ने धर्म परिवर्तन कराकर उससे निकाह कर लिया है. वह गर्भवती थी लेकिन दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया. बाद में राज सऊदी अरब चला गया. कुछ दिन तक वह पैसा भेजता रहा, लेकिन बाद में पैसा भेजना बंद कर दिया. इससे परेशान होकर वह आसिफ उर्फ राज के घर पहुंची थी.

लेकिन परिजनों ने घर में एंट्री नहीं करने दी और पुलिस बुलाकर महिला थाने भेज दिया. वहां भी न्याय नहीं मिला. इसके बाद सिस्टम से मायूस अंजलि ने लखनऊ विधानसभा के सामने खुदकुशी कर ली. इस खुदकुशी के बाद लखनऊ से लेकर महराजगंज तक सनसनी फैल गई.

लखनऊ के हजरतगंज थाने में केस दर्ज करने के बाद महराजगंज पुलिस भी अपने स्तर से विस्तृत विवेचना कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंजलि प्रकरण में पुलिस की कहीं कोई लापरवाही तो नहीं है. जांच के बीच ही एसपी प्रदीप गुप्ता ने महिला थाना की प्रभारी मनीषा सिंह को लाइन हाजिर कर लिया. उनके स्थान पर एंटी रोमियो स्क्वायड की प्रभारी एसआई कंचन राय को महिला थानाध्यक्ष पद पर तैनात किया है.

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