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लखनऊ: पत्नी से विवाद, शारीरिक कमजोरी का मजाक...कुंठा में आकर सिपाही ने ली थी शख्स की जान

सिपाही आशीष ने अपनी शारीरिक कमजोरी की बात भी प्रवीण को बता दी, लेकिन प्रवीण उसके बाद से आशीष को चिढ़ाने लगा लोगों के बीच में ताने मारने लगा. इसी से तंग आकर दोनों के बीच में मंगलवार को झगड़ा भी हुआ था.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सिपाही ने कल की थी बंदी के बेटे की हत्या
  • सिपाही ने बताई कत्ल के पीछे की कहानी

लखनऊ के विभूति खंड में सिपाही के द्वारा की गई हत्या की वजह साफ हो गई है. सिपाही ने बंदी के बेटे को उसके मजाक से तंग आकर गोली मारी थी. पुलिस ने सिपाही के उस अवैध तमंचे को बरामद कर लिया है और वजह भी साफ हो गई है जिसकी वजह से आरोपी सिपाही ने बंदी के बेटे को अस्पताल में गोली मार दी थी.

विभूति खंड के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बुधवार को सीतापुर से इलाज के लिए 25 मई से भर्ती बंदी ध्रुव सिंह के बेटे प्रवीण सिंह की अवैध तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई. आरोपी सिपाही आशीष मिश्रा खुद थाने पहुंच गया और पुलिस को दलील दी कि अगर वह प्रवीण को गोली नहीं मारता तो प्रवीण उसकी हत्या कर देता.

लेकिन बीते 12 घंटों की पूछताछ के दौरान लखनऊ पुलिस ने इस पूरी वारदात कि कई कड़ियां जोड़ ली हैं. पुलिस ने देर रात आशीष मिश्रा के उस तमंचे को भी बरामद कर लिया, जिससे उसने अस्पताल परिसर में प्रवीण को गोली मार दी थी. 

पत्नी पर शक करता था सिपाही

बदायूं में आरोपी सिपाही के घरवालों और सीतापुर में साथी सिपाहियों से बातचीत के बाद साफ हो गया है कि सिपाही आशीष मिश्रा बीते कई दिनों से पारिवारिक वजह से परेशान था. बीती 13 मई को ही आशीष की शादी हुई थी. पत्नी B.Ed पास है लेकिन आशीष, पत्नी पर शक करने लगा तो दोनों में झगड़ा हो रहा था और पत्नी मायके चली गई थी.

पुलिस अफसरों ने इस मामले में आशीष के साले से बात की तो उसमें साफ कहा कि आशीष उसकी बहन पर बेवजह शक करता था. इतना ही नहीं आशीष ने अपनी बहन से आत्महत्या करने की भी बात कही तो बहन ने सीतापुर के पुलिस अफसरों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद आशीष को दिया गया सरकारी असलहा वापस ले लिया गया.

पूछताछ और जामा तलाशी के दौरान पुलिस को आशीष के पास से दवाइयों के पर्चे मिले, जिससे साफ हुआ कि आशीष गुपचुप तरीके से शारीरिक कमजोरी का इलाज करा रहा था. पुलिस ने जब इन दवाइयों और पर्ची के बारे में पूछा तो आशीष ने सच बोल दिया. दरअसल ध्रुव सिंह की सुरक्षा के दौरान आशीष की उसके बेटे प्रवीण सिंह से दोस्ती हो गई थी.

दोनों रात भर अस्पताल में साथ बैठते और एक दूसरे से अपनी अंदरूनी बातें बताते थे. इसी में आशीष ने अपनी शारीरिक कमजोरी की बात भी प्रवीण को बता दी, लेकिन प्रवीण इसके बाद से आशीष को चिढ़ाने लगा था और लोगों के बीच में उसे ताने मारने लगा था. इसी वजह से दोनों के बीच में मंगलवार को झगड़ा भी हुआ था.

इसके बाद आशीष चला गया. बुधवार को आशीष अचानक सादे कपड़ों में प्रवीण के पास पहुंचा और चाय पीने के लिए बाहर चलने की बात कही. जैसे ही दोनों लिफ्ट से बाहर निकल कर चाय की दुकान पर जाने लगे आशीष ने प्रवीण को दौड़ाकर गोली मार दी और खुद थाने पहुंच गया.

 

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