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गुजरातः कच्छ में वकील की दिनदहाड़े हत्या, परिजनों का शव लेने से इनकार, नाराज दलितों ने किया प्रदर्शन

मृतक वकील देवजीभाई दलित नेता और बामसेफ के नेता भी थे, साथ में इंडियन लॉयर्स प्रोफेशनल एसोसिएशन के गुजरात प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी थे. एक वकील एवं दलित नेता की दिनदहाड़े हत्या के बाद दलित समुदाय में गुस्सा है और वहां पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है.

कच्छ में दलित वकील की हत्या से नाराजगी  कच्छ में दलित वकील की हत्या से नाराजगी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वारदात को अंजाम देकर फरार आरोपी
  • वारदात की पूरी घटना CCTV में कैद
  • पुलिस फरार आरोपी के तलाश में जुटी
  • परिजनों का गिरफ्तारी तक शव लेने से इनकार

गुजरात में कच्छ जिले के रापर शहर के बीच बाजार में एक वकील की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. शाम को रापर के कांग्रेस के विधायक के ऑफिस के नीचे ही वकील देवजीभाई माहेश्वरी पर एक युवक ने चाकू से हमला बोल दिया जिनकी अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई.

आरोपी हत्यारा वकील के ऑफिस के नीचे ही उनके आने का इंतजार कर रहे थे और जैसे ही वह पहुंचे. आरोपी ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिया. यह पूरी वारदात एक CCTV कैमरे में कैद हो गई. वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गया, घायल वकील ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया. अब पुलिस इस मामले में अपराधी की तलाश कर रही है. 

दलित और बामसेफ नेता थे वकील
मृतक वकील देवजीभाई दलित नेता और बामसेफ के नेता भी थे, साथ में इंडियन लॉयर्स प्रोफेशनल एसोसिएशन के गुजरात के अध्यक्ष भी थे. एक वकील एवं दलित नेता की दिनदहाड़े हत्या के बाद दलित समुदाय में गुस्सा है और वहां पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है.

वकील देवजीभाई की हत्या के बाद राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच ने अपना विरोध जताते हुए और जल्द से जल्द अपराधी को गिरफ्तार करने की मांग के साथ कच्छ के कई इलाकों में सड़कों पर टायर जलाकर और चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया.

इस बीच दलित नेता और विधायक जिग्नेश मेवाणी ने भी इस हत्याकांड पर ट्वीट करते हुए कहा कि फिर एक बार दलित समुदाय को सड़क पर उतरना पड़ा है क्योंकि एक दलित नेता और वकील की सरेआम हत्या हो चुकी है. मुख्यमंत्री विजय रुपाणी अब हम आपकी इस मामले चुप्पी नहीं बल्कि सिर्फ कड़क कार्रवाई चाहते हैं और जिन लोगों ने उनकी हत्या करवाई और क्यों करवाई, वो भी सामने आना चाहिए. 

सरेआम हत्या से नाराज वकील के परिवारजनों ने उनका शव लेने से मना कर दिया है और मांग की है कि जब तक अपराधी गिरफ्तार नहीं होते तब तक हम शव नहीं लेंगे. 24 घंटे के भीतर अगर अपराधी नहीं पकड़े गए तो आने वाले दिनों में विरोध समेत चक्काजाम और तनाव की स्थिति पैदा होगी.

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