यूपी के कानपुर में पुलिस ने लड़कियों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. ये गिरोह उन नाबालिग बच्चियां को शिकार बनाता था जो गुस्से में आकर अपने घरों को छोड़कर निकल जाती थीं. इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है.
जांच में पता चला है कि इस गिरोह की महिलाएं स्टेशन और बस अड्डों पर घर से भागी हुई लड़कियों को मदद का झासा देकर अपने जाल में फंसाती थीं. इसके बाद उनको बेच दिया जाता था.
ऐसे हुए गिरोह का खुलासा
बीते दिनों कानपुर के रायपुरवा से एक 14 साल की लड़की घर से नाराज होकर चली गई थी. इसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट रायपुरा थाने में दर्ज कराई गई थी. लड़की की खोजबीन के लिए पुलिस अधिकारी ने एक टीम बनाई. यह टीम स्टेशन और रोडवेज बस स्टॉप पर जानकारी जुटा रही थी. इसी दौरान पुलिस को राजू उर्फ इकबाल, उसकी पत्नी पूजा उर्फ चांदनी के गैंग का पता चला. आगे की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गैंग के 6 लोगों को गिरफ्तार किया.
इस दौरान पता चला कि इन लोगों ने उस लड़की को अनवरगंज स्टेशन पर अपने चंगुल में फंसाया था. गैंग की सदस्य पूजा उर्फ चांदनी ने लड़की को पहले चाय नाश्ता देकर उसका दर्द पूछा फिर बहाने से अपने चंगुल में फंसा लिया. इसके बाद उसको बदायूं में 50 हजार रुपये में बेच दिया था.
रवींद्र कुमार एडीसीपी सेंट्रल के मुताबिक, यह गैंग स्टेशन और बस अड्डे पर परिवार के साथ सफर करता था. इसी दौरान लड़कियों को शिकार बनाता था फिर शादी करने के इच्छुक लोगों को बेच देता था. पुलिस का दावा है इस गिरोह ने अब तक बिहार और उत्तर प्रदेश में 6 लड़कियों को इसी तरह बेचने की बात कबूल की है.
पुलिस का कहना है कि चांदनी और इकबाल मुस्लिम हैं लेकिन जब ये बच्चों से मिलते थे तो अपना नाम हिंदू के रूप में राजू और पूजा बताते थे. ये लोग बच्चों को फंसा कर अपने घर लाते थे. इसके बाद इनके गिरोह के बाकी सदस्य उनको बेचने का टारगेट सेट करते थे.
पुलिस का दावा है इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी पकड़ा जाएगा. उन लोगों को भी गिरफ्त में लिया जाएगा जिन्होंने इस तरह की लड़कियों को खरीदकर शादी का ड्रामा रचा है. एक तरह के खुलासे से उन लड़कियों को सबक लेने की जरूरत है जो अपना घर छोड़कर घर से निकल जाती हैं.