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₹70,000 करोड़ टैक्स चोरी का शक: देशभर की बड़ी रेस्टोरेंट चेन पर आयकर विभाग का बड़ा सर्च ऑपरेशन

हैदराबाद की बिरयानी रेस्टोरेंट चेन से जुड़े ₹70,000 करोड़ के कथित टैक्स चोरी मामले के बाद आयकर विभाग ने देशभर की बड़ी रेस्टोरेंट चेन पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इस मामले में आयकर विभाग को बिलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए बिक्री छिपाने का शक है.

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आयकर विभाग देशभर में ये कार्रवाई अंजाम दे रहा है (फोटो-ITG)
आयकर विभाग देशभर में ये कार्रवाई अंजाम दे रहा है (फोटो-ITG)

देशभर के बड़े रेस्टोरेंट और फूड चेन पर आयकर विभाग ने बड़ा एक्शन शुरू किया है. हैदराबादी बिरयानी रेस्टोरेंट चेन से जुड़े लगभग ₹70,000 करोड़ की कथित टैक्स चोरी का मामला सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है. जांच एजेंसियों को शक है कि कुछ रेस्टोरेंट चेन ने बिक्री छिपाने के लिए खास तरह के बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है. इसी शक के आधार पर अब देश के कई बड़े रेस्टोरेंट नेटवर्क के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

देशभर में बड़ी कार्रवाई
आयकर विभाग ने भारत के कई शहरों में एक साथ बड़ी कार्रवाई शुरू की है. यह सर्च ऑपरेशन प्रमुख रेस्टोरेंट चेन और उनके दफ्तरों पर किया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान का मकसद यह पता लगाना है कि क्या इन रेस्टोरेंट्स ने अपनी असली कमाई छिपाकर टैक्स चोरी की है. जांच टीमों ने कई जगहों पर POS सिस्टम, बिलिंग रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि कई शहरों में एक साथ छापेमारी होने से रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है.

हैदराबाद की बिरयानी चेन से खुला मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत हैदराबाद स्थित एक बड़ी बिरयानी रेस्टोरेंट चेन से हुई. जांच में सामने आया कि यहां कथित तौर पर लगभग ₹70,000 करोड़ की टैक्स चोरी की गई. आयकर विभाग को शक है कि इस चेन ने बिक्री और कमाई को छिपाने के लिए तकनीकी तरीके अपनाए. जांच में सामने आया कि बिलिंग सिस्टम में छेड़छाड़ कर असली बिक्री का आंकड़ा कम दिखाया जाता था. इसी खुलासे के बाद जांच एजेंसियों ने पूरे देश में इसी तरह के नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी.

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बिलिंग सॉफ्टवेयर के जरिए खेल
जांच एजेंसियों का मानना है कि कुछ रेस्टोरेंट चेन ने एक खास तरह के बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया. इस सॉफ्टवेयर के जरिए असली बिक्री के आंकड़े छिपाए जा सकते थे. ग्राहक को बिल तो मिलता था, लेकिन सिस्टम में वास्तविक बिक्री दर्ज नहीं होती थी या उसे बदल दिया जाता था. इससे टैक्स की गणना कम होती थी और सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचता था. जांच में यह भी शक जताया गया है कि कई रेस्टोरेंट्स एक ही तरह के सॉफ्टवेयर सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे थे.

POS सिस्टम और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
आयकर विभाग की टीमें अब रेस्टोरेंट्स के POS मशीन, बिलिंग डेटा और अकाउंटिंग रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि क्या बिक्री के असली आंकड़े और टैक्स रिटर्न में अंतर है. इसके अलावा सर्वर डेटा, सॉफ्टवेयर लॉग और बैंक ट्रांजैक्शन की भी जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल बड़े स्तर पर टैक्स चोरी के लिए किया गया.

रेस्टोरेंट सेक्टर का सबसे बड़ा मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो यह भारत के रेस्टोरेंट सेक्टर में टैक्स चोरी का सबसे बड़ा मामला बन सकता है. ₹70,000 करोड़ की कथित टैक्स चोरी का आंकड़ा बेहद बड़ा माना जा रहा है. आयकर विभाग की कार्रवाई से देशभर के रेस्टोरेंट कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है. जांच पूरी होने के बाद कई बड़ी कंपनियों और चेन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है. फिलहाल आयकर विभाग इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है.

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