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हैदराबाद: फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार, आधुनिक तकनीक का करते थे इस्तेमाल

हैदराबाद पुलिस ने फर्जी दस्तावेज बनाने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ कर छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट जैसे नकली दस्तावेज बनाते थे. पुलिस को रैकेट के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों के पास से नकली दस्तावेज के साथ कई उपकरण भी बरामद किए हैं

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(प्रतीकात्मक फोटो)
(प्रतीकात्मक फोटो)

हैदराबाद पुलिस ने एक बड़े फर्जी दस्तावेज बनाने वाले रैकेट का पर्दाफाश करते हुए. छह लोगों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई 14 नवंबर 2024 को पुलिस आयुक्त टास्क फोर्स और महंकाली पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत की गई. आरोपियों ने कथित तौर पर वोटर आईडी, आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों की फर्जी प्रतियां बनाने के लिए अत्याधुनिक उपकरण और तकनीक का इस्तेमाल किया. 

मुख्य आरोपी, यलगम राज कुमार, सिकंदराबाद में आरएस ऑनलाइन सर्विस सेंटर का मालिक है और अपने स्टाफ राचमल्ला विजयलक्ष्मी और कुरापति पल्लवी की मदद से इस रैकेट को चला रहा था. अन्य आरोपियों में मोहम्मद महबूब शामिल है, जो बिना अनुमति के आधार संशोधन सेवाएं प्रदान करता था, और बंदी शंकर, एक पासपोर्ट एजेंट, जो नकली दस्तावेजों के लिए ग्राहकों को लाता था. ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अनुबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर गिरीराज अनिल कुमार पर फर्जी वोटर आईडी को मंजूरी देने का आरोप है. 

फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश

पुलिस ने छापेमारी के दौरान 557 वोटर आईडी, 300 प्रिंटेड वोटर कार्ड, 180 नकली सत्यापन फॉर्म, 40 आधार कार्ड, 100 जन्म प्रमाणपत्र, 19 नकली पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के साथ-साथ कंप्यूटर, प्रिंटर, स्टैम्प्स और 1.5 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं. 

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2015 से चल रहे इस रैकेट का खुलासा पुलिस जांच में हुआ, जिसमें राज कुमार ने एक डेस्कटॉप एप्लिकेशन का उपयोग कर दस्तावेजों को नकली रूप से तैयार किया. वह बिना अनुमति के गजेटेड ऑफिसर के स्टैम्प का उपयोग करता था. पुलिस ने रैकेट के पास से डिजिटल और फिजिकल नकली दस्तावेजों का बड़ा संग्रह बरामद किया है. 

पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार 

इस मामले की जांच का नेतृत्व इंस्पेक्टर के. सईदुलु और महंकाली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर के. पारसुराम और एसआई पी. जॉन ने किया.  पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है और अन्य सहयोगियों और नकली दस्तावेजों के लाभार्थियों को ट्रैक करने के प्रयास जारी हैं. 

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