scorecardresearch
 

गुड़िया रेप मर्डर केस में अनिल उर्फ नीलू दोषी करार, 11 मई को होगा सजा का ऐलान

विशेष न्यायाधीश राजीव भारद्वाज ने इस जघन्य अपराध के आरोपी अनिल कुमार उर्फ नीलू उर्फ चरानी को धारा 372 (2) (आई) और 376 (ए) के तहत बलात्कार और भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी माना.

अदालत अनिल की सजा का ऐलान 11 मई को करेगी अदालत अनिल की सजा का ऐलान 11 मई को करेगी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 4 साल पहले कोटखाई जंगल से मिली थी लाश
  • रेप की बाद बेरहमी से की गई थी छात्रा की हत्या
  • आरोपी ने हत्या के बाद लाश को जंगल में फेंका था

हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया रेप मर्डर केस में शिमला की जिला अदालत ने बुधवार को 28 वर्षीय आरोपी अनिल उर्फ नीलू को दोषी करार दे दिया. अब आने वाली 11 मई को अदालत उसकी सजा का ऐलान करेगी. 4 साल पहले शिमला के नजदीक कोटखाई जंगल से 16 वर्षीय स्कूली छात्रा की लाश बरामद हुई थी. उसके साथ पहले बलात्कार किया गया था. फिर उसकी हत्या कर लाश जंगल में फेंक दी गई थी. 

विशेष न्यायाधीश राजीव भारद्वाज ने इस जघन्य अपराध के आरोपी अनिल कुमार उर्फ नीलू उर्फ चरानी को धारा 372 (2) (आई) और 376 (ए) के तहत बलात्कार का दोषी माना. साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उसे हत्या और धारा 4 के तहत दमनकारी यौन हमला करने की सजा का पात्र भी माना. पीड़िता नाबालिग थी, इसलिए अदालत ने उसे खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत भी दोषी माना.

पीटीआई के मुताबिक गुड़िया के गुनहगार अनिल को दोषी करार देने के बाद अदालत ने 11 मई का दिन उसे सजा सुनाने के लिए निर्धारित किया है. आपको बताते दें कि 4 जुलाई, 2017 को गुड़िया अपने स्कूल से घर लौटते वक्त कोटखाई में लापता हो गई थी. दो दिन बाद उसकी लाश 6 जुलाई को जंगल से बरामद हुई थी.

नाबालिग गुड़िया को इंसाफ दिलाने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए थे. हिमाचल प्रदेश में कई जगह इस मामले को लेकर उग्र प्रदर्शन हुए थे. इस मामले की जांच पहले पुलिस और एसआईटी कर रही थी. लेकिन बाद में ये केस सीबीआई के हवाले कर दिया गया था. सीबीआई ने ही इस मामले का खुलासा किया था.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें