scorecardresearch
 

स्कूल बैग में अफीम भरकर राजस्थान से सूरत ले जा रहा था 9वीं कक्षा का छात्र, गिरफ्तार 

नशे के कारोबारियों के खिलाफ जबसे गुजरात की सूरत पुलिस सख्त हुई है, तबसे आए दिन इसके गैर-कानूनी कारोबार से जुड़े एक के बाद एक ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश कर रही है. सूरत पुलिस ने अफीम की तस्करी से जुड़े अलग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.

X
Surat Surat
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ड्रग मामले में 9वीं कक्षा का छात्र गिरफ्तार 
  • राजस्थान से सूरत ले जा रहा था छात्र

नशे के कारोबारियों के खिलाफ जबसे गुजरात की सूरत पुलिस सख्त हुई है, तबसे आए दिन इसके गैर-कानूनी कारोबार से जुड़े एक के बाद एक ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश कर रही है. सूरत पुलिस ने अफीम की तस्करी से जुड़े एक और अलग प्रकार के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.

ड्रग मामले में 9वीं का छात्र गिरफ्तार

इसके तहत पुलिस न कक्षा- 9वीं के एक छात्र को गिरफ्तार किया है जो अपने स्कूल बैग में करीब दो किलोग्राम अफीम लेकर राजस्थान से सूरत आया था. छात्र के स्कूल बैग से बरामद अफीम की कीमत 1.98 लाख बताई गई है. ड्रग माफिया पुलिस से बचने की जुगत में अब स्कूली छात्रों का इस्तेमाल कर रहे है. ऐसा पहली बार सामने आया है.

स्कूल बैग में मिला लगभग 2 किलो अफीम

सूरत की पूना थाना पुलिस को खबर मिली थी कि मूलतः राजस्थान राज्य का रहने वाला 16 वर्षीय छात्र राजस्थान से सूरत अफीम की तस्करी करने में शामिल है. उसी खबर के आधार पर पूना पुलिस ने अपने थाना क्षेत्र के निओल चेक पोस्ट के पास से छात्र को गिरफ़्तार किया है. वह अपने स्कूल की बैग में 1 किलो 980 ग्राम अफीम, राजस्थान से सूरत लेकर ड्रग माफिया को पहुंचाने आया था. छात्र को सूरत पहुंचाने के लिए ये अफीम उसके ही गांव के गोपाल शर्मा ने दी थी.

काम के लिए छात्र को मिले थे 5 हजार रुपये

सूरत पुलिस के एसीपी धर्मेंद्र सिंह चावड़ा ने बताया कि अफीम की खेप राजस्थान से सूरत भेजने वाले गोपाल शर्मा नाम के ड्रग माफिया ने नाबालिग स्कूली छात्र का उपयोग कैरियर के तौर पर किया है. राजस्थान के जिला चितौडगढ़ तहसील बेगु, थाना परसोलीजी के अंतर्गत आने वाले इटावा गांव के निवासी गोपाल शर्मा की गिरफ्तारी की बाद ही तय हो पाएगा कि सूरत में अफीम की खेप किसे पहुंचाई जानी थी. पकड़े गए छात्र ने पुलिस को बताया कि वो अफीम की डिलीवरी लेने वाले के बारे में कुछ नहीं जानता है. उसे उसका नाम, पता और मोबाइल नंबर भी नहीं दिया गया है. इस काम के लिए उसे पांच हजार रुपये दिए गए हैं. 

'नो ड्रग इन सूरत सिटी'

सूरत शहर में पुलिस कमिश्नर अजय तोमर की अगुवाई में 'नो ड्रग इन सूरत सिटी' के नाम से बड़ा अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत सूरत की क्राइम ब्रांच, एसओजी और विविध थाना की पुलिस ने एनडीपीएस के तहत मामले दर्ज किए है. 30 नवंबर की शाम के समय पूना पुलिस को सूचना मिली थी कि राजस्थान से सूरत में अफीम की खेप आने वाली है. इसके तहत पुलिस ने निओल चेक पोस्ट के पास नाबालिग छात्र को गिरफ़्तार किया, जिसके पास से 1 किलो 980 ग्राम अफीम बरामद हुआ.

स्कूली छात्र को बनाया ड्रग कैरियर

पूछताछ में उसने बताया कि यह अफीम उसके गांव के गोपाल शर्मा ने उसे दिया है. पूना पुलिस ने पूर्व में भी एनडीपीएस के मामले पकड़े हैं. यह 2 किलो जितना अफ़ीम किस रास्ते से आया है, कौन-कौन इसमें शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है.  पुलिस ने कहा कि छात्र की उम्र कम है, इसलिए उसकी पहचान नहीं बता सकते हैं. मुख्य आरोपी गोपाल शर्मा ने स्कूली छात्र को कैरियर के तौर पर इस्तेमाल किया है. उसकी गिरफ्तारी के बाद अन्य बातों का खुलासा होगा.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें