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Delhi Rohini Court Shootout: कभी जितेंद्र गोगी का दोस्त था टिल्लू ताजपुरिया, अब उसी के गैंग के लोगों ने रोहिणी कोर्ट में ली जान

Delhi Rohini Court Shootout: दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में रौंगटे खड़े कर देने वाला गैंगवॉर हुआ. इस गोलीबारी में जितेंद्र गोगी की मौत हो गई. हमलावरों को भी पुलिस ने मार गिराया, वे टिल्लू गैंग के थे.

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जितेंद्र गोगी (Left) और टिल्लू ताजपुरिया (Right) जितेंद्र गोगी (Left) और टिल्लू ताजपुरिया (Right)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में गैंगवॉर हुई
  • वकीलों की ड्रेस में आए थे हमलावर
  • जितेंद्र गोगी की जान ली, दोनों हमलावर भी ढेर

Delhi Rohini Court Shootout: दिल्ली का रोहिणी कोर्ट शुक्रवार को गैंगवॉर में चलीं 40 से ज्यादा गोलियों से गूंज उठा. यहां पेशी के लिए आए गोगी गैंग के जितेंद्र गोगी पर टिल्लू ताजपुरिया गैंग के लोगों ने गोलियां चलाईं. गैंगवॉर में जितेंद्र गोगी मारा गया वहीं दो हमलावरों को भी पुलिस ने ढेर कर दिया. दोनों हमलावर वकील के कपड़े पहनकर आए थे.

टिल्लू और गोगी गैंग की यह दुश्मनी पुरानी है. लेकिन कभी टिल्लू और गोगी दोस्त हुआ करते थे. फिर दुश्मनी ऐसी हुई कि अब इस गैंगवॉर में 100 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. टिल्लू ताजपुरिया गांव का रहने वाला है. वहीं जितेंद्र गोगी अलीपुर गांव का था. दोस्ती में खटास आने के बाद दोनों ने अलग-अलग गैंग बना ली. 2010 में बाहरी दिल्ली के एक कॉलेज छात्र संघ चुनाव से यह रंजिश शुरू हुई, जो गैंगवार में तब्दील हो गई.

2018 में दिल्ली के बुराड़ी में टिल्लू गैंग से एक गैंगवार हुआ था, जिसमें 3 लोगों की हत्या हुई और 5 लोग घायल हुए थे. इस वारदात में भी गोगी गैंग का नाम सामने आया था.

इतना ही नहीं इसी साल पिछले महीने खुलासा हुआ था कि दिल्ली में इस गैंगवॉर की वजह से कई मर्डर हुए. 10 अगस्त को गिरफ्तार किए गए सूरज और अक्षय ने बताया था कि उन्होंने 31 जुलाई को नितेश नाम के शख्स की जान ली थी. दरअसल, नितेश का भाई गोगी गैंग से जुड़ा था. वहीं पकड़े गए दोनों लोग टिल्लू ताजपुरिया के गैंग से थे.

इससे पहले 20 फरवरी 2020 को गोगी गैंग के सदस्यों और नितेश के भाई ने मिलकर टिल्लू गैंग के पवन नाम के शख्स को मारा था. इसका बदला लेने के लिए ही नितेश की हत्या की गई थी.

कौन था जितेंद्र गोगी?

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक जितेंद्र गोगी ने अपराध के जरिए अकूत संपत्ति कमाई थी. स्पेशल सेल के मुताबिक जितेंद्र गोगी के नेटवर्क में 50 से ज्यादा लोग हैं. जितेंद्र गोगी को साल 2020 में गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था. गोगी के साथ कुलदीप फज्जा को भी पकड़ा गया था. कुलदीप फज्जा बाद में 25 मार्च को कस्टडी से फरार हो गया था. फज्जा जीटीबी अस्पताल से फरार हुआ था जिसके बाद उसका एनकाउंटर हुआ.

2020 में गोगी की गिरफ्तारी के दौरान भारी मात्रा में कारतूस और असलहे बरामद किए गए थे. अकेले गोगी पर दिल्ली से चार लाख और हरियाणा में दो लाख का इनाम घोषित था. इससे पहले यह कई बार कस्टडी से फरार भी हुआ.

बहुचर्चित हरियाणवी सिंगर-डांसर हर्षिता मर्डर केस में भी जितेंद्र उर्फ गोगी का नाम आया था. गोगी के पास से 6 ऑटोमेटिक विदेशी पिस्टल, 70 से अधिक जिंदा कारतूस, पश्चिम विहार से लूटी गई एक कार बरामद हुई थी. नरेला में आम आदमी पार्टी के नेता वीरेंद्र मान को गोगी गैंग के लोगों ने ही 26 गोलियां मारी थीं. 

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