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दिल्ली: रोहिणी कोर्ट में हुए बम धमाके में इस्तेमाल हुए खतरनाक विस्फोटक पदार्थ

इसके अलावा ये भी जानकारी सामने आई है कि IED बनाने में 12 बोल्ट की बैटरी का इस्तेमाल किया गया था. कहा जा रहा है कि क्योंकि घटना वाले दिन IED के डेटोनेटर में ब्लास्ट हुआ था, ऐसे में ज्यादा नुकसन नहीं हुआ. 

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रोहिणी कोर्ट में हुए बम धमाके में इस्तेमाल हुए खतरनाक विस्फोटक पदार्थ रोहिणी कोर्ट में हुए बम धमाके में इस्तेमाल हुए खतरनाक विस्फोटक पदार्थ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रोहिणी कोर्ट धमाके में इस्तेमाल हुए खतरनाक विस्फोटक पदार्थ
  • एजेंसियां टेरर एंगल से भी कर रहीं जांच, CCTV ना होने से बढ़ी चुनौती

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में हुए बम धमाके में बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी मिली है कि धमाके को बनाने में खतरनाक विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था. आजतक को बताया गया है कि IED बनाने के लिए अमोनियम नाइट्रेट और पोटेशियम क्लोरेट जैसे विस्फोटक पदार्थ का सहारा लिया गया था.

रोहिणी कोर्ट धमाके में बड़ा खुलासा

इसके अलावा ये भी जानकारी सामने आई है कि IED बनाने में 12 बोल्ट की बैटरी का इस्तेमाल किया गया था. कहा जा रहा है कि क्योंकि घटना वाले दिन IED के डेटोनेटर में ब्लास्ट हुआ था, ऐसे में ज्यादा नुकसन नहीं हुआ. हालांकि अभी NSG और FSL ने अपनी रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को नहीं सौंपी है. ब्लास्ट के बाद मौके पर सेंट्रल एजेंसियां भी जांच के लिए पहुंची थीं.

जांच से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि कोर्ट रूम में बम रखने वाले ने हो सकता है रेकी की हो. इसलिए रोहिणी कोर्ट में सुरक्षा में खामियों का बम रखने वाले ने फायदा उठाया, रोहिणी कोर्ट में अंदर की तरह बहुत ज्यादा कैमरे भी नहीं लगे हैं, ऐसे में आरोपियों को पकड़ना चुनौती है. जो सीसीटीवी लगाए भी गए हैं, उनमें किसी भी संदिग्ध की तस्वीर सामने नहीं आई है.

टेरर एंगल से भी जांच जारी

सूत्रों के मुताबिक बहुत मुमकिन है कि पिछले दिनों रोहिणी कोर्ट जितेंद्र गोगी की हत्या करने वाले शूटरों ने जिस तरह वकील के कपड़ों में एंट्री गेट से एंट्री ली थी, वैसा ही तरीका इस बार बम धमाके के लिए किया गया हो. अभी के लिए स्पेशल सेल की अलग अलग टीमें इस बम धमाके की जांच में जुटी हैं. ये भी कहा गया है कि टेरर एंगल से भी मामले की जांच की जा रही है.

मामले की बात करें तो रोहिणी कोर्ट नंबर 102 में किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में ब्लास्ट था, जिसके बाद लोगों ने गोली चलने की अफवाह फैला दी. इसके कारण पूरे कोर्ट में हड़कंप मच गया था. लेकिन बाद में जब पुलिस जांच शुरू हुई, तब एक-एक कर खुलासे होते रहे.

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