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दिल्ली में अवैध गारमेंट फैक्ट्री का भंडाफोड़, Zara-Levi ब्रांड के ऐसे बना रहे थे नकली कपड़े

दिल्ली में नकली ब्रांडेड कपड़ों के बड़े गोरखधंधे का खुलासा हुआ है. पश्चिमी दिल्ली में चल रही एक अवैध गारमेंट यूनिट पर छापेमारी कर पुलिस ने करीब दो हजार नकली कपड़े बरामद किए हैं. कार्रवाई के बाद यूनिट संचालक के खिलाफ ट्रेडमार्क और कॉपीराइट कानून के तहत केस दर्ज किया गया है.

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ग्लोबल ब्रांड के प्रतिनिधियों की शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई. (Photo: X/@CrimeBranchDP)
ग्लोबल ब्रांड के प्रतिनिधियों की शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई. (Photo: X/@CrimeBranchDP)

दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली में नकली ब्रांडेड कपड़ों के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने एक गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग और स्टोरेज यूनिट पर छापा मारकर 1900 से ज्यादा नकली कपड़े जब्त किए हैं. यह यूनिट नामी इंटरनेशनल ब्रांड्स के फर्जी कपड़े तैयार कर बाजार में सप्लाई कर रही थी.

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई केल्विन क्लेन, ज़ारा, टॉमी हिलफिगर, लेवी स्ट्रॉस एंड कंपनी और USPA जैसे ग्लोबल ब्रांड्स के अधिकृत प्रतिनिधियों की शिकायत के बाद की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पश्चिमी दिल्ली में बड़े पैमाने पर नकली ब्रांडेड कपड़ों का निर्माण किया जा रहा है.

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने ट्रेडमार्क और कॉपीराइट से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी. इसके बाद जरूरी सत्यापन किया गया. इसके साथ ही ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 115(4) के तहत रजिस्ट्रार ऑफ ट्रेड मार्क्स से औपचारिक राय ली गई. इसके आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया.

7 जनवरी को पुलिस टीम ने टोडापुर इलाके में एक ऊपरी-ग्राउंड-फ्लोर परिसर पर छापा मारा. तलाशी के दौरान वहां अवैध गारमेंट यूनिट संचालित होती पाई गई. मौके से आरोपी राजीव नागपाल (50) को पकड़ा गया, जो रोहिणी सेक्टर-3 का रहने वाला है. वो इस यूनिट का संचालन कर रहा था.

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छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 1919 नकली कपड़े बरामद किए. इनमें 1050 नकली जारा शर्ट, 650 नकली USPA शर्ट और 213 नकली लेवी स्ट्रॉस एंड कंपनी की शर्ट शामिल हैं. इसके अलावा तीनों ब्रांड्स के दो-दो सैंपल शर्ट भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है.

पुलिस ने बताया कि इंदरपुरी थाना में ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 और कॉपीराइट एक्ट, 1957 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली कपड़ों की सप्लाई किन बाजारों में की जा रही थी और इसमें और कौन-कौन शामिल था. इसके ऑनलाइन बिजनेस का भी पता किया जा रहा है.

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