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दादरी: शेर सिंह मर्डर केस की सही रिपोर्ट देने की मांग, विधायक ने कमिश्नर को लिखी चिट्ठी

लोनी से विधायक नंद किशोर गुर्जर ने पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि 8 तारीख को चिटैहरा, दादरी के निवासी शेर सिंह भाटी की आधा दर्जन अपराधियों ने चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी थी. साथ ही उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज देखकर साफ मालूम होता है कि मामले में दर्जनों लोग शामिल हैं इसलिए शासन को मॉब लिंचिंग की सही रिपोर्ट भेजी जाए.

नंद किशोर गुर्जर नंद किशोर गुर्जर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नंदकिशोर ने लोगों पर दर्ज हुए मुकदमे को खत्म करने को कहा
  • 'शेर सिंह भाटी की आधा दर्जन अपराधियों ने हत्या कर दी थी'
  • 'घटना से हिंदू एवं गुर्जर समाज बाहुल्य दादरी में भारी आक्रोश'

उत्तर प्रदेश के दादरी के चिटैहरा गांव के शेर सिंह भाटी की मर्डर के बाद 11 तारीख को परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे. इन लोगों पर दादरी पुलिस द्वारा मुकदमे दर्ज किए जाने पर लोनी से विधायक नन्द किशोर गुर्जर ने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है. गुर्जर ने लोगों पर दर्ज हुए मुकदमे खत्म करने के लिए कहा है. विधायक ने कहा कि किसी सरकार और बीजेपी विरोधी अधिकारी के फीडबैक पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है जिससे माहौल सुधरने के बजाय बिगड़ सकता है. 

साथ ही विधायक ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज देखकर साफ मालूम होता है कि मामले में दर्जनों लोग शामिल हैं इसलिए शासन को मॉब लिंचिंग की सही रिपोर्ट भेजी जाए जिससे परिवार को दादरी के ही अखलाक की घटना की तरह परिवार को दी जाने वाली आर्थिक मदद का दायरा बढ़ाया जा सके.

विधायक ने पत्र में कहा- लोगों ने कानून और सरकार में दिखाई आस्था

विधायक ने पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में कहा कि 8 तारीख को चिटैहरा, दादरी के निवासी शेर सिंह भाटी की आधा दर्जन अपराधियों ने चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी थी. इस घटना से हिंदू एवं गुर्जर समाज बाहुल्य दादरी क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश था और लोग लगातार शोकसंतप्त परिजनों को सांत्वना देने आ रहे थे. 

11 सितंबर, 2020 को भी लोग काफी संख्या में दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने गांव पहुंचे थे और घर में स्थान कम होने के कारण लोगों ने सामाजिक दूरी के पालन के उद्देश्य से पास ही स्थित शिव मंदिर में परिजनों से मिल अपनी संवेदना प्रकट की जिसमें मैं भी शामिल था. लोगों में स्वभाविक गुस्सा होने के कारण संख्या अधिक हो गई लेकिन सामाजिक दूरी बनी रही इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की थी. जो मौके पर तैनात तो था लेकिन व्यवस्था बनाने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं थी.

स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का ठीकरा शोकसंतप्त परिजनों और भारी पीड़ा से गुजर रहे हिंदू एवं गुर्जर समाज पर फोड़ते हुए, अखबारों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है जबकि शोक सभा में सक्षम एवं सामाजिक रूप से मजबूत लोगों के होने के बावजूद कानून और प्रदेश सरकार में लोगों द्वारा आस्था दिखाई गई.

विधायक के मुताबिक सभी ने आरोपियों पर लगाए गए रासुका के लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया. विपरित परिस्थितियों में लोगों द्वारा धैर्य का परिचय देना वंदनीय था, जबकि पंचायत की अनुमति ही नहीं दी गई थी तो मुकदमा किस आधार पर दर्ज किया गया है? पंचायत की सूचना वायरल करने की बात भी तब की है जबतक पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई रोक संबंधी सूचना नही दी गई थी. साथ ही संबंधित स्थान ’कंटेनमेंट जोन’ भी नहीं है.  

मुकदमा दर्ज करने वाले अधिकारी को बताया सरकार और बीजेपी विरोधी

विधायक ने कहा कि ऐसे में सरकार और बीजेपी विरोधी अधिकारी के फीडबैक पर इस तरह की कार्रवाई दादरी क्षेत्र में माहौल को और तनावपूर्ण बनाएगी जिसकी मैं निंदा करता हूं. गलत फीडबैक देकर क्षेत्र का माहौल खराब करने और किसी राजनीतिक षड्यंत्र के तहत कार्य करने वाले अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाए.

नंद किशोर गुर्जर ने अपने पत्र में कहा कि सीसीटीवी की पूरी फुटेज का अध्ययन किया जाए तो साफ हो जाता है कि यह हत्या सुनियोजित ढंग से की गई है और इसमें दर्जनों लोग शामिल हैं इसलिए शेर सिंह भाटी मॉब लिंचिंग मामले की सही रिपोर्ट शासन को भेजने का कष्ट करें जिससे परिवार को दादरी में ही, पूर्व में हुए अखलाक मामले की तरह 1 करोड़ की मदद, आवास, पीड़िता की पत्नी को सरकारी नौकरी की मदद दी जा सके.

विधायक ने मांग करते हुए कहा कि दादरी शोक सभा में शामिल हुए लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमे को तत्काल समाप्त कर, शासन को इस घटना की सही रिपोर्ट भेजनी चाहिए जिससे दादरी के तनावपूर्ण माहौल को शांत किया जा सके. विधायक ने पत्र में डीजीपी को भी अवगत कराते हुए मामले के निस्तारण की दिशा में कदम उठाने को कहा है.

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