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राज्यपाल से मुलाकात के बाद कंगना के हाथ में दिखा कमल का फूल, क्या हैं मायने!

कंगना ने कहा, मेरा पॉलिटिक्स से लेना देना नहीं है. मेरे साथ अभद्र व्यवहार हुआ है. गवर्नर साहब ने बेटी की तरह मेरी बात सुनी. मुझे विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा. राज्यपाल से मुलाकात के बाद कंगना के हाथ में कमल का फूल देखा गया.

कंगना रनौत कंगना रनौत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राज्यपाल से मिलीं कंगना रनौत
  • बीेएमसी की कार्रवाई के बाद मुलाकात
  • रनौत ने कहा- राज्यपाल ने सुनी पूरी बात

एक्ट्रेस कंगना रनौत ने रविवार शाम महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की. हाल में बीएमसी की ओर से की गई कार्रवाई और उनके दफ्तर पर चले बुलडोजर के बाद उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की. राज्यपाल से मिलने के बाद कंगना रनौत ने मीडिया से कहा कि वे (राज्यपाल) यहां के गार्जियन हैं. मेरा पॉलिटिक्स से लेना-देना नहीं है. मेरे साथ अभद्र व्यवहार हुआ है. गवर्नर साहब ने बेटी की तरह मेरी बात सुनी. मुझे विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा. राज्यपाल से मुलाकात के बाद कंगना के हाथ में कमल का फूल देखा गया. 

हाल के घटनाक्रम से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कंगना रनौत का झुकाव भारतीय जनता पार्टी की तरफ है. रविवार को कंगना जब राज्यपाल कोश्यारी से मिलकर बाहर निकलीं तो उनके हाथ में दो कमल के फूल दिखे. इससे उन कयासों को और भी बल मिलता है कि कंगना रनौत 'कमल' का दामन थाम सकती हैं. अभी हाल में कंगना रनौत की मां ने भी कहा था कि उनका परिवार पूर्व में कांग्रेसी रहा है लेकिन हाल की घटना के बाद उनका परिवार बीजेपी का समर्थन करेगा.

कंगना रनौत का झुकाव बीजेपी की तरफ हो सकता है, इसके और भी कई संकेत मिले हैं. अभी हाल में उनकी सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयानों से भी संकेत मिलते रहे हैं कि कंगना को बीजेपी का पूरा समर्थन प्राप्त है.   

इसका एक स्पष्ट इशारा तब और मिला जब केंद्रीय मंत्री और आरपीआई अध्यक्ष रामदास अठावले ने शुक्रवार को कहा कि कंगना के साथ अन्याय हुआ और महाराष्ट्र सरकार ने प्रतिशोध में काम किया है. कंगना को जितना भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करनी चाहिए. रामदास अठावले ने कहा कि अगर कंगना हमारी पार्टी में आएंगी तो उन्होंने कुछ खास फायदा नहीं होगा, लेकिन अगर वो बीजेपी में शामिल होती हैं तो उनको राज्ससभा की सीट मिल सकती है.

बता दें, रविवार को राजभवन में कंगना और उनकी बहन रंगोली भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करने पहुंची थीं. अभी कुछ दिन पहले कंगना के दफ्तर पर बीएमसी ने कार्रवाई की थी. कंगना के दफ्तर का कुछ हिस्सा अवैध निर्माण था जिसे बीएमसी ने गिरा दिया था. बाद में यह मामला कोर्ट में गया जहां बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई पर रोक लगा दी. इस घटना के बाद कंगना और शिवसेना आमने सामने हैं. हालांकि भारतीय जनता पार्टी भी कंगना के समर्थन में आगे आई है और बीएमसी की कार्रवाई को एकतरफा बताया है.

राज्यपाल से मुलाकात के पहले कंगना रनौत ने शिवसेना और संजय राउत पर जोरदार हमला बोला. कंगना ने ट्वीट में कहा कि शिवसेना क्या चाहती है कि बीजेपी गुंडों से कंगना रनौत को पिटने दे. कंगना ने कहा कि क्या शिवसेना की मंशा ये है कि गुंडे मुझे सरेआम लिंच कर दें. कंगना रनौत की यह प्रतिक्रिया शिवसेना सांसद संजय राउत के उस बयान पर आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि ये दुखद है कि बीजेपी कंगना रनौत के समर्थन में खड़ी हो रही है. 

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