उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कोडीन मिले कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर चल रही जांच में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. वाराणसी पुलिस ने रैकेट के सरगना शुभम जायसवाल के एक करीबी सहयोगी के घर पर छापा मारा है. यह कार्रवाई कोडिन युक्त कफ सिरप रैकेट की गहराई से जांच के तहत की गई है.
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) टी सरवन ने बताया कि गुरुवार शाम मडौली इलाके में प्रशांत उपाध्याय के घर पर तलाशी ली गई. हालांकि छापे के वक्त वो घर पर मौजूद नहीं थे. इस ऑपरेशन में कई पुलिस स्टेशनों की टीमें शामिल रहीं, जिससे कार्रवाई का दायरा और गंभीरता साफ नजर आई.
पुलिस ने छापेमारी के दौरान परिवार के सदस्यों से पूछताछ की है. इसके साथ ही कुछ अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं. इन दस्तावेजों के जरिए कफ सिरप के कारोबार से जुड़े लेनदेन और नेटवर्क को समझने की कोशिश की जा रही है. पुलिस अब प्रशांत उपाध्याय से जुड़ी दो फर्मों के बीच हुए बिजनेस लेनदेन की जांच करेगी.
इनके नाम राधिका एंटरप्राइजेज और राजेंद्र ड्रग एजेंसी है. इसके साथ-साथ यह पता लगाना है कि इन फर्मों के बीच कारोबार की प्रकृति क्या थी और व्यापार किस तरीके से संचालित किया जा रहा था. पुलिस ने यह भी साफ किया कि प्रशांत उपाध्याय का नाम शुभम जायसवाल के साथ इस मामले में दर्ज FIR में शामिल है.
प्रशांत उपाध्याय वाराणसी के सप्तसागर दवा बाजार में कफ सिरप के बड़े व्यापारी के तौर पर जाने जाते हैं, जिससे इस मामले की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है. DCP ने कहा कि पुलिस को शक है कि प्रशांत उपाध्याय से जुड़ी फर्में करोड़ों रुपए के कोडीन मिले कफ सिरप के लेनदेन में शामिल रही हैं.
इसी कड़ी में हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में कोडीन मिले रेगुलेटेड कफ सिरप के अवैध स्टॉक और व्यापार को लेकर चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है. इस नेटवर्क के तार राज्य के बाहर तक जुड़े होने की आशंका है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं.