मुंबई पुलिस ने लगातार चोरी करने वाले एक आदतन अपराधी को गिरफ्तार करते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस जांच में पता चला है कि सीरियल चोरियों को अंजाम देने वाले आरोपी की मां अपराध करने से पहले उसे ड्रग्स दिया करती थी. इसके बाद नशे में आकर वारदात को अंजाम दिया करता था.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान 24 वर्षीय कृष्णा रवि महेसकर के रूप में हुई है. उसके खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में चोरी और सेंधमारी के 22 से अधिक मामले दर्ज हैं. इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक चौंकाने वाली बात चली. इसे जानकर पुलिसवाले भी हैरान रह गए.
कालाचौकी थाने के उप-निरीक्षक राजेंद्र चव्हाण ने बताया, "महेसकर एक आदतन अपराधी है. उसकी मां विजेता महेसकर (50) उसकी सभी आपराधिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी. वो चोरी से पहले उसे ड्रग्स देती थी. इतना ही चोरी में मिले सामान और पैसे वो अपने पास ही रहती है.''
उन्होंने बताया कि मां और बेटे मध्य मुंबई के कालाचौकी इलाके के रहने वाले हैं. कृष्णा रवि महेसकर को अग्रीपाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि मां विजेता महेसकर फरार चल रही है. पुलिस उसे पकड़ने के लिए कई जगहों पर दबिश दे रही है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
बताते चलें कि इसी महीने मुंबई पुलिस ने वायर चोरी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया था. दोनों तांबे की तार चुराने वाले गैंग के सदस्य बताए गए. आरोपियों की पहचान अशोक शिंदे (43) और राजकुमार यादव (26) के रूप में की गई थी. अशोक शिंदे पेशे से मजदूर और राजकुमार ड्राइवर है.
पुलिस को टेलीफोन एक्सचेंज के इस्तेमाल के लिए लगे 60 मीटर के तीन कॉपर पीयूसी केबल गायब होने की सूचना मिली थी. इसकी कीमत 2.16 लाख बताई गई थी. डिटेक्शन अफसर एपीआई लीलाधर पाटिल ने बताया कि उनको केबल चोरी की शिकायत मिली थी. उसी दिन उनके डिटेक्शन स्टाफ गश्त पर थे.
उन्होंने बताया कि आरोपी घटना वाले दिन एक ऑटो को तेज गति से जाते देखे गए. जब रोकर उनकी तलाशी ली गई तो ऑटो से 28 मीटर केबल के 13 टुकड़े मिले. इसकी कीमत करीब 2.16 लाख थी. इसके बाद गश्ती टीम ने दोनों लोगों को ऑटो और जब्त सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था.