आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली जिले में सामने आई एक दर्दनाक घटना ने सबको चौंका दिया. शुरुआत में यह मामला एक सामान्य सड़क हादसा बताया गया था, लेकिन जांच के दौरान इस हत्याकांड की सारी परतें खुलती चली गईं. चीड़ीकड़ा थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात के दौरान एक किसान की बेरहमी से हत्या कर दी गई. पुलिस ने गहराई से जांच करते हुए इस हत्याकांड को सुलझा लिया है. चौंकाने वाली बात यह रही कि इस साजिश के पीछे कोई और नहीं बल्कि मृतक की पत्नी ही मास्टरमाइंड निकली.
साजिशन हत्या का मामला
मृतक की पहचान डिगला चिन्ना के रूप में हुई, जो पेशे से किसान था. इस मामले में पुलिस ने Cr.No.04/2026 के तहत केस दर्ज किया गया है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) हत्या, 238 सबूत मिटाने और 61(2) व 3(5) के तहत गंभीर धाराएं लगाई गईं हैं. पुलिस ने इसे एक जटिल और योजनाबद्ध हत्या करार दिया. जांच में सामने आए तथ्य बेहद चौंकाने वाले थे.
तीन आरोपी गिरफ्तार
इस हत्याकांड में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी डिगला कोंडम्मा (31) है, जो तूरुवोलु गांव की रहने वाली है. दूसरा आरोपी अलकुंटी गणेश (28) है, जो गुंटूर जिले के तेनाली का निवासी है. तीसरा आरोपी गणेश का चचेरा भाई पालेप्पा शिवकुमार (19) है. तीनों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है.
मजदूरी से शुरू हुई कहानी
इस अपराध की जड़ें साल 2024 तक जाती हैं, जब डिगला चिन्ना और उसकी पत्नी कोंडम्मा रोज़ी-रोटी की तलाश में तेनाली गए थे. वहां दोनों एक स्थानीय राजमिस्त्री के अधीन दिहाड़ी मजदूरी करते थे. कुछ समय बाद उस राजमिस्त्री की मौत हो गई. इसके बाद उसका बेटा अलकुंटी गणेश कामकाज संभालने लगा. यहीं से इस कहानी ने खतरनाक मोड़ लेना शुरू किया.
अवैध प्रेम संबंध की शुरुआत
पुलिस के मुताबिक, तेनाली में रहते हुए कोंडम्मा और गणेश के बीच अवैध संबंध बन गए. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं. जब डिगला चिन्ना को इस रिश्ते की भनक लगी, तो उसने पत्नी को नौ महीने पहले वापस अपने गांव तूरुवोलु ले जाकर बसाने का फैसला किया. उसका मकसद पत्नी को गणेश से दूर रखना था, लेकिन यह फैसला भी नाकाफी साबित हुआ.
छुपकर जारी रहा रिश्ता
गांव लौटने के बाद भी कोंडम्मा और गणेश का रिश्ता खत्म नहीं हुआ. दोनों चोरी-छिपे फोन पर बात करते रहे और विशाखापत्तनम व अनकापल्ली जैसे शहरों में गुप्त मुलाकातें करते रहे. यह रिश्ता धीरे-धीरे हत्या की साजिश में बदल गया. डिगला चिन्ना को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उसकी पत्नी उसके खिलाफ इतना बड़ा कदम उठाने वाली है.
तलाक से इनकार बना हत्या की वजह
हालात तब और बिगड़ गए जब कोंडम्मा ने अपने पति से तलाक की मांग की. डिगला चिन्ना ने साफ इनकार कर दिया. पुलिस के मुताबिक, कोंडम्मा और गणेश को लगा कि चिन्ना ही उनके रिश्ते में सबसे बड़ी रुकावट है. इसी सोच के साथ तीनों आरोपियों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बना डाली. यह फैसला बेहद निर्मम साबित हुआ.
रात में रची गई खूनी साजिश
14 जनवरी 2026 की रात थी. कोंडम्मा ने अपने पति की लोकेशन की जानकारी गणेश और शिवकुमार को दी. उसने बताया कि चिन्ना तंगुडुबिल्ली गांव की ओर जा रहा है. यह जानकारी मिलते ही दोनों आरोपी पहले से तय जगह पर घात लगाकर बैठ गए. पूरी योजना बेहद सुनियोजित थी, ताकि किसी को शक न हो. और हुआ भी ऐसा ही.
बाइक गिराई, पेड़ पर पटका
जैसे ही डिगला चिन्ना कोट्टा फार्म के पास पहुंचा, आरोपियों ने उसकी बाइक रोक ली. उसे बाइक से गिराकर एक ताड़ी के पेड़ से जोर-जोर से पटक दिया गया. इसके बाद उसे घसीटकर पास के सागौन के बागान में ले जाया गया. वहां रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई. इस तरीके से जाहिर है कि हत्या बेहद बेरहम तरीके से अंजाम दी गई थी.
कत्ल को हादसे बनाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की. उन्होंने चिन्ना के शव को वापस सड़क किनारे उसकी मोटरसाइकिल के पास रख दिया. मकसद था कि पुलिस इसे सड़क दुर्घटना समझे. शुरू में मामला हादसे जैसा ही लग रहा था, लेकिन कुछ तकनीकी और भौतिक सबूतों ने पुलिस को शक में डाल दिया. यही शक केस सुलझाने की वजह बन गया.
पुलिस की सूझबूझ
स्थानीय टास्क फोर्स ने बारीकी से जांच करते हुए घटनास्थल की विसंगतियों को पकड़ा. SDPO एम. श्रावणी, CI पी. पेडापू नायडू और SI सतीश की टीम ने पूछताछ के दौरान आरोपियों से सच उगलवा लिया. तीनों की गिरफ्तारी के बाद केस का खुलासा हुआ. बेहतर काम के लिए पुलिस टीम को वरिष्ठ अधिकारियों ने नकद इनाम और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया.