दिल्ली से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग डॉक्टर दंपती को साइबर अपराधियों ने दो हफ्ते से ज्यादा समय तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर करीब 14 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया. यह धोखाधड़ी 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच हुई.
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान आरोपियों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर डॉक्टर दंपती को गिरफ्तारी की धमकी दी. डर और दबाव के माहौल में दंपती को अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया. डॉक्टर दंपती अमेरिका से लौटने के बाद साल 2016 से ग्रेटर कैलाश में रह रहे थे.
उनके बच्चे विदेश में रहते हैं, जिसका फायदा साइबर ठगों ने उठाया. आरोपियों ने दंपती के अकेलेपन को निशाना बनाया. उन्हें लगातार फोन और वीडियो कॉल पर रहने के लिए मजबूर किया. ठगों ने इस दौरान दंपती को यह विश्वास दिलाया कि वे किसी गंभीर कानूनी मामले में फंसे हुए हैं. यदि उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया तो गिरफ्तारी हो सकती है.
इसी डर के चलते डॉक्टर दंपती ने लंबे समय तक किसी से संपर्क नहीं किया. 9 जनवरी को अचानक कॉल बंद होने के बाद दंपती को ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया. शनिवार को मामले में ई-FIR दर्ज की गई. इस मामले की शिकायत मिलते ही दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने जांच शुरू कर दी है.
पुलिस का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल्स और डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर खुद को अधिकारी बताने वालों से सतर्क रहें और ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें.