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MP: फिशिंग ई-मेल के जरिए मेल आईडी हैक कर रहे ठग, साइबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

मध्य प्रदेश (MP) में साइबर पुलिस (Cyber Police) के पास पिछले कुछ समय से ऐसे कई मामले सामने आ रहे थे जिसमें फरियादी के ई-मेल (E-mail) में आए लिंक को क्लिक करने के बाद ई-मेल हैक हो गया और उसकी सारी जानकारी हैकर्स के पास पहुंच गई.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अनजान ई-मेल पर विश्वास कर कोई सॉफ्टवेयर को डाउनलोड न करें
  • अपराध होने पर नजदीकी पुलिस थाने में या 155260 पर शिकायत करें
  • कोई भी फिशिंग मेल मिलने पर तुरंत डिलीट करने की सलाह दी गई

मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच साइबर पुलिस ने मंगलवार को एडवाइजरी जारी की है जिसमें लोगों को फिशिंग ई-मेल के जरिए मिलने वाले किसी भी लिंक या मेल को ना खोलने सलाह दी गई है.

दरअसल, राज्य साइबर पुलिस के पास पिछले कुछ समय से ऐसे मामले सामने आ रहे थे, जिसमें फरियादी के ई-मेल में आए लिंक को क्लिक करने के बाद ई-मेल हैक हो गया और उसकी सारी निजी जानकारी ठगों या हैकर्स के पास पहुंच गई.

राज्य साइबर पुलिस के मुताबिक इन हैकर्स और ठगों की मोडस ऑपरेंडी के तहत साइबर अपराधियों द्वारा अलग-अलग शासकीय संस्थानों और प्राइवेट कंपनियों को उनकी मेल आईडी पर मेल किया जाता है जिसमें लिखा होता है कि आपकी ई-मेल आईडी का पासवर्ड आज एक्सपायर हो गया है. बिना किसी परेशानी के ई-मेल की सेवाएं जारी रखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके नया पासवर्ड बनाएं.

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जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करके पासवर्ड चेंज करने के लिए अपनी ई-मेल आईडी पर पुराना पासवर्ड और फिर नया पासवर्ड डालने के बाद सबमिट करते हैं, तो आपकी ई-मेल आईडी और पासवर्ड अपराधियों के पास पहुंच जाते हैं जिनका दुरुपयोग कर अपराधी आपके सारे व्यक्तिगत व शासकीय पत्राचार वाले मेल पढ़ सकते हैं.

इस तरह आपके शासकीय कई दस्तावेज, पत्राचार गोपनीय जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती है. इसके अलावा यदि आपकी ई-मेल आईडी आपके बैंक अकाउंट में जुड़ी होती है तो वह बैंक अकाउंट से पैसे निकाल कर आपको वित्तीय हानि भी पहुंचा सकते हैं.

क्या लिखा है एडवाइजरी में
1. किसी भी अनजान ई-मेल पर विश्वास कर किसी भी सॉफ्टवेयर को डाउनलोड न करें. वह वायरस हो सकता है. ऐसा कोई भी फिशिंग मेल मिलने पर उसे तुरंत डिलीट कर दें. इस तरह से प्राप्त ई-मेल हमें हमारे सर्वर से भेजे गए लगते हैं क्योंकि अपराधी इन्हें इस तरह से तैयार करते हैं. जबकि आप उक्त ई-मेल को ठीक से जांचेंगे तो पता लगेगा कि वो नकली ई-मेल होते हैं और आपके सर्वर के ई-मेल को दर्शाते हुए मेल किए गए हैं.

2. अपने ई-मेल सेवा प्रदाता से संपर्क कर हैकर द्वारा इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए आईडी प्रूफ, पहले के मेल के स्क्रीनशॉट इनबॉक्स आदि दस्तावेजों के साथ ई-मेल को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का अनुरोध करें. 

3. अपने अन्य वैकल्पिक ई-मेल खाते से अपने सभी संपर्कों को ईमेल/संदेश भेजें और हैक किए गए ई-मेल से आने वाले ई-मेल का जवाब न देने का अनुरोध करें.

4. उन सभी सेवा प्रदाताओं को लिखें जहां आपका हैक किया गया ई-मेल खाता संचार पते के रूप में दिया गया है ताकि आपके हैक किए गए ई-मेल आईडी से प्राप्त किसी भी प्रकार के अनुरोध पर विचार न किया जाए.

5. यदि आपके साथ ऐसा कोई अपराध हो तो उसकी शिकायत अपने नजदीकी पुलिस थाने में या www.cybercrime gov.in या Toll Free नंबर 155260 पर करें.

 

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