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एडल्ट वेबसाइट से हनी ट्रैप करता था पूर्व होमगार्ड का गैंग

एक चर्चित एडल्ट वेबसाइट के जरिए लोगों को चूना लगाने का दिलचस्प मामला सामने आया है. इस काम को अंजाम देने वाले गैंग का सरगना दिल्ली का एक पूर्व होमगार्ड निकला. इस गैंग ने बड़े ही शातिर तरीके से एक नहीं दो नहीं बल्कि सौ से ज्यादा लोगों को चूना लगाया है.

तीनों आरोपी दिल्ली होमगार्ड में तैनात रहे हैं तीनों आरोपी दिल्ली होमगार्ड में तैनात रहे हैं

एक चर्चित एडल्ट वेबसाइट के जरिए लोगों को चूना लगाने का दिलचस्प मामला सामने आया है. इस काम को अंजाम देने वाले गैंग का सरगना दिल्ली का एक पूर्व होमगार्ड निकला. इस गैंग ने बड़े ही शातिर तरीके से एक नहीं दो नहीं बल्कि सौ से ज्यादा लोगों को चूना लगाया.

होमगार्ड चलाते थे गैंग
यकीन मानिए Adultfriendfinder.com नाम की वेबसाइट पर जितने भी लोग गए वो पैसे से भी गए और इज्जत से भी. ऐसे ही करीब 100 लोग हैं, जो इस वेबसाइट पर आकर ठगी का शिकार बन गए. इस काम को अंजाम देने वाले कोई और नहीं बल्कि दिल्ली के तीन पूर्व होम गार्ड हैं. जो कभी दिल्ली होमगार्ड सर्विस में ही पोस्टेड थे. लेकिन अब वे हनी ट्रैप के धंधे में लगे हुए थे.

ऐसे काम करता था ये गैंग
यह गैंग बड़े ही प्रोफेशनल तरीके से काम करता था. वेबसाइट पर आकर इनके साथ सर्फिंग करने वाले को ये लड़की बनकर जाल में फंसाते थे. फिर बाकायदा किराए का रूम लेकर शिकार को लड़की मुहैय्या कराई जाती थी. और फिर खुद ही क्राइम ब्रांच के अफसर बनकर उस कमरे पर छापा मारते थे. इस तरीके से इस गैंग ने पिछले एक साल से अब तक करीब सौ लोगों को ठगी का शिकार बना डाला.

एडल्ट वेबसाइट से हनी ट्रेप
लोगों को हनी ट्रैप करने का सिलसिला एडल्ट वेबसाइट पर लॉगिन करने से शुरू होता है. जेंडर और यूजरनेम बताने के साथ ही शख्स वेबसाइट पर रजिस्टर हो जाता है. लॉगिन हो जाने के बाद ही यह गैंग लड़की के फेक प्रोफाइल के माध्यम से शिकार को तलाश करता है. और शिकार मिलते ही हनी ट्रैप की तैयारी शुरू होती है. शिकार मिलते ही फेक प्रोफाइल से चैटिंग की जाती है. फिर होती है फ्रैंडशिप. इसके बाद शिकार को फंसाकर मिलने के लिए बुलाया जाता है. किराए का कमरा भी दिलाया जाता है और वहां लड़की भी भेजी जाती है. उसके बाद उस कमरे पर पड़ता है छापा और फिर शुरू होता है ब्लैकमेलिंग का सिलसिला.

ऐसे पकड़ में आया गैंग
इस गैंग ने अपना पचासवां शिकार बनाया एक प्राइवेट एयरलाइन के पायलट को. जिससे इस गैंग ने 9 लाख 70 हजार रुपये का चूना लगाया. दरअसल, 16 मार्च 2016 को महाराष्ट्र के ठाणे में पायलट ने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई कि उसे कॉल करके दस लाख रुपये मांगे जा रहे हैं. उसने पुलिस को वेबसाइट से लेकर कमरे पर छापे की कहानी तक की सारी बात बताई. पायलट की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जाल फैलाया और फिर इस गैंग के तीन कारिंदों को धर दबोचा गया. पकड़े गए तीनों आरोपियों की पहचान जगतिन्दर, जितेन्द्र और सुन्दरलाल के रूप में हुई है. तीनों आरोपी दिल्ली होमगार्ड में तैनात रह चुके हैं. इस गैंग में दो लड़कियां भी शामिल थीं. जो अभी तक फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश कर रही है. इससे पहले इन तीनों ने एक बैंक अधिकारी से भी 5 लाख रुपये ठग लिए थे. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 384/388/120बी और आईपीसी की धारा 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

जानिए कौन हैं तीनों शातिर आरोपी

जगतिन्दर सिंह उर्फ़ जिम्मी, उम्रः 47 साल
जिम्मी ने 2007 से 2012 तक दिल्ली होमगार्ड में काम किया. वह दिल्ली होमगार्ड में कंपनी कमांडर भी रहा. अब इस गैंग का सरगना भी वही है. 2012 के बाद सिविल डिफेन्स में स्वंयसेवी भी रहा. दरअसल ये पहले खुद हनी ट्रेप का शिकार बन चुका था. खुद शिकार बन जाने के बाद ही इसके दिमाग में इस तरह से लोगों को चूना लगाने का प्लान आया. और उसी का बाद इसने कई लोगों को ठग लिया.

जितेन्द्र उर्फ़ प्रिंस, उम्रः 32 साल
दूसरा आरोपी एक जिम में इंस्ट्रक्टर और नाईट क्लब में बाउंसर रह चुका है. उसे कम्प्यूटर में भी महारत हासिल है. वह खुद लड़की बनकर एडल्ट वेबसाइट पर चैट करता था. जब शिकार के पास लड़की को मिलने जाना होता था तो जितेन्द्र अपनी महिला दोस्त सिया या सलोनी को किराए के कमरे में भेज देता था.

सुंदरलाल, उम्रः 35 साल
इस गैंग का तीसरा सरगना भी 2003 से 2007 तक दिल्ली होमगार्ड में तैनात था. यह जितेन्द्र और जिम्मी की मदद करता था. उनके हर गुनाह में ये शामिल रहा. यही पुलिसवाला बनकर छापा मारने के लिए जाता था. और रौब दिखाकर शिकार को लूट लेता था. पुलिस ने इसके पास से 50,000 की रकम बरामद की है.

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