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दिल्लीः इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर कर रहे थे ठगी, 12 गिरफ्तार

पूर्वी जिले की साइबर सेल को इंडिगो एयरलाइंस ने शिकायत दी थी कि कुछ लोग भारत के विभिन्न हवाई अड्डों पर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं.

पुलिस ने संचालकों समेत 12 को किया गिरफ्तार (फाइल फोटो) पुलिस ने संचालकों समेत 12 को किया गिरफ्तार (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पटपड़गंज थाने के गाजीपुर गांव में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
  • इंडिगो एयरलाइंस की शिकायत पर साइबर सेल की कार्रवाई

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी हो रही थी. दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने पूर्वी दिल्ली जिले के गाजीपुर गांव में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए लोगों को इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देकर ठगी की जा रही थी.

जानकारी के मुताबिक पूर्वी जिले की साइबर सेल को इंडिगो एयरलाइंस ने शिकायत दी थी कि कुछ लोग भारत के विभिन्न हवाई अड्डों पर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं. ठगी करने वाले लोग इंडिगो एयरलाइंस के फर्जी नियुक्ति पत्र भी बना दे रहे हैं. इंडिगो एयरलाइंस ने साइबर सेल से शिकायत कर दिया था लेकिन कंपनी ठगों को लेकर कोई सटीक विवरण नहीं दे सकी थी.


इंडिगो की शिकायत पर जांच

इंडिगो एयरलाइंस की शिकायत पर साइबर सेल ने जांच शुरू की और स्थानीय खुफिया नेटवर्क को भी सक्रिय किया गया. साइबर सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर पटपड़गंज थाने के औद्योगिक क्षेत्र गाजीपुर गांव में व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल की जा रही एक इमारत की तीसरी मंजिल पर छापा मारकर दो मुख्य संचालकों के साथ ही 10 अन्य को गिरफ्तार कर लिया.

पकड़े गए कुल 12 में आठ लड़कियां भी शामिल हैं. दिल्ली पुलिस साइबर सेल ने जिन्हें पकड़ा है उनमें दो मुख्य संचालक सुरजीत यादव और सुंदरम गुप्ता भी शामिल हैं. वे इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर नौकरी के लिए परेशान बेरोजगार लोगों को ठगते थे. वे मुख्य रूप से दक्षिण भारत, बिहार, यूपी, उत्तराखंड के भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते थे.

छापेमारी में नकदी के साथ मिले 16 फोन और 7 कम्प्यूटर

इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 16 मोबाइल फोन और सिम कार्ड, सात कम्प्यूटर और 26000 रुपये नकद बरामद किया है. साथ ही मौके से संदिग्ध दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं. दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के मुताबिक इन जालसाजों ने सैकड़ों लोगों को ठगा है. इनकी ओर से 10 लाख रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है. जांच की जा रही है. 

क्विकर के जॉब पोर्टल पर डाले थे विज्ञापन

साइबर सेल के मुताबिक आरोपी 24 साल का सुरजीत पुत्र हरि सिंह फिरोजाबाद जिले के एका थाना क्षेत्र के कछवाई गांव का निवासी है. वह सुंदरम गुप्ता के साथ मिलकर धोखाधड़ी का कारोबार कर रहा था. जौनपुर जिले के सुजानगंज थाना क्षेत्र के भीलमपुर गांव का निवासी सुशील कुमार भी इनके साथ ठगी में सक्रिय था.

इन लोगों ने आठ लड़कियों और दो लड़कों को छह से नौ हजार महीने के वेतन पर रखा था. ये युवा लड़के और लड़कियां नौकरी चाहने वालों को अपने जाल में फंसाने के लिए कॉल करते थे. आरोपी व्यक्तियों ने इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी चाहने वालों से आवेदन आमंत्रित करते हुए क्विकर डॉट कॉम के जॉब पोर्टल पर विज्ञापन भी पोस्ट किए थे.

प्रसंस्करण शुल्क देने का लालच

पीड़ितों ने अपना विवरण जैसे संपर्क नंबर, ईमेल आईडी, पता भरकर पोर्टल पर आवेदन किया, Quikr.com से जालसाजों को विज्ञापन से संबंधित आवेदकों का डेटा मिल जाता था. आरोपी क्विकर डॉट कॉम के जरिए उपलब्ध डेटा बेस के जरिए नौकरी चाहने वालों से संपर्क साधते थे. भोले-भाले लोग इनके जाल में फंस जाते थे और उन्हें 1500 से लेकर 30,000 रुपये तक 'प्रसंस्करण शुल्क' देने का लालच भी दिया जाता था. पीड़ितों को फर्जी साक्षात्कार के बाद नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए गए थे. पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है.

 

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