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1548 मामलों में शामिल, 25 करोड़ का लेन-देन... साइबर ठगी के बड़े गैंग का फरीदाबाद पुलिस ने किया पर्दाफाश

साइबर थाना फरीदाबाद टीम लगातार साइबर ठगों पर शिकंजा कस रही है. पुलिस ने देशभर में साइबर क्राइम की 1548 वारदातों में शामिल गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन विदेशी नागरिक और एक महिला सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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साइबर ठगी के आरोपी साइबर ठगी के आरोपी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तीन विदेशी नागरिक सहित आठ आरोपियों को किया गिरफ्तार
  • विदेशी नागरिक की फर्जी आईडी बनाकर करते थे दोस्ती

साइबर थाना फरीदाबाद ने साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गैंग साइबर ठगी के 1548 मामलों में शामिल था. इस मामले में तीन विदेशी नागरिकों और एक महिला सहित गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है.

डीसीपी हेडक्वार्टर नीतीश अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों में नाइजीरिया के गैब्रियल व किंग्सले और घाना के गॉडविन शामिल हैं. ये लोग दिल्ली में रह रहे थे. गैब्रियल और गॉडविन का वीजा 10 महीने पहले एक्सपायर हो चुका था. ये लोग अवैध रूप से भारत में रह रहे थे. एक और आरोपी युर्थिंग्ला वारोंग उर्फ मम्मी मणिपुर की रहने वाली है. अन्य आरोपियों में मुंबई के हरीश, फिरोज अंसारी, नोएडा के राजकुमार उर्फ राजू व सफरउद्दीन और दिल्ली के सुशील तिवारी हैं.

इस मामले में 26 मार्च को गॉडविन की गिरफ्तारी हुई थी, उसने ही अपने साथियों के बारे में पुलिस को जानकारी दी. 2 अप्रैल को गैब्रियल और हरीश फिरोज अंसारी को गिरफ्तार करके 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया. फिर इसके बाद गैंग के बाकी सदस्य भी पुलिस की गिरफ्त में आए. पुलिस का कहना है कि आरोपी बहुत ही शातिर किस्म के अपराधी हैं. साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए ये लोग फेसबुक का सहारा लेते थे. पुलिस जांच में पता चला कि आरोपियों के फर्जी खातों में करीब 25 करोड़ रुपए का लेन-देन मिला है.

गैब्रियल ने जेनिफर अलेक्जेंडर नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर फरीदाबाद के राम किशोर के साथ साइबर ठगी की. आरोपियों ने उन्हें एक लाख ब्रिटिश पाउंड का गिफ्ट भेजने का ऑफर दिया. इस ऑफर को स्वीकार करते हुए पीड़ित ने उसे अपना पता और अन्य जानकारियां साझा कर दी. साथ ही एक लाख पाउंड की कीमत के गिफ्ट के लालच में आकर फर्जी बैंक खातों में 7.40 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए.

आरोपियों के कब्जे से 40 मोबाइल, 37 सिम कार्ड, 3 पासपोर्ट, 40 पासबुक, 49 चेक बुक, 50 एटीएम कार्ड, 11 आधार कार्ड, 6 पैनकार्ड, दो पेन ड्राइव, आधार कार्ड में पता बदलने के काम में इस्तेमाल कंप्यूटर और प्रिंटर के साथ 1.39 लाख रुपए नगद बरामद किए हैं. मोबाइल और सिम कार्ड को ट्रेस करने से पता चला कि आरोपियों ने पूरे देश में साइबर क्राइम की 1548 वारदातों को अंजाम दिया. इनमें उत्तर प्रदेश में 441, राजस्थान में 150, तेलंगाना में 149, दिल्ली में 147 और महाराष्ट्र की 101 वारदात को अंजाम दिया गया.

पुलिस ने लोगों से अपील है कि किसी भी तरह के लालच के बहकावे में ना आए. किसी भी अनजान को अपनी डिटेल शेयर ना करें. साइबर ठगी होने पर 1930 पर कॉल करें.

 

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