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ट्रिपल मर्डर में पहेली बना एक ताला

किसी कातिल के कत्ल करने की बात तो समझ में आती है, लेकिन कत्ल के बाद घर में ताला लगाकर जाने की बात समझ में नहीं आती. दिल्ली में सामने आई ट्रिपल मर्डर की एक पहेली कुछ ऐसी ही है. कातिल घर में दाखिल होता है. एक महिला और उसके दो मासूम बच्चों की जान लेता है और जाते-जाते घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर चला जाता है.

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किसी कातिल के कत्ल करने की बात तो समझ में आती है, लेकिन कत्ल के बाद घर में ताला लगाकर जाने की बात समझ में नहीं आती. दिल्ली में सामने आई ट्रिपल मर्डर की एक पहेली कुछ ऐसी ही है. कातिल घर में दाखिल होता है. एक महिला और उसके दो मासूम बच्चों की जान लेता है और जाते-जाते घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर चला जाता है.

पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में सोमवार शाम को हुई ट्रिपल मर्डर की कहानी ने पुलिस को उलझाकर रख दिया है. कातिल घर में घुसता है. वहां रहने वाली 34 साल की महिला और उसके दो मासूम बच्चों की जान लेता है, लेकिन जाते-जाते फ्लैट में बाहर ताला लगा जाता है. ताला, वो भी उन्हीं के घर का.

कस्टम एंड एक्साइज इंस्पेक्टर अमित कुमार इस रोज जब काम से लौटे तो एक दहलानेवाली खबर उनका इंतजार कर रही थी. उन्हें पहली बार तब हैरानी हुई, जब उन्होंने अपने घर में बाहर से ताला लगा हुआ देखा. उन्हें लगा कि शायद उनकी बीवी और बच्चे उन्हें बिना बताए कहीं बाहर गए हैं. लिहाजा, वो कुछ देर के लिए एक पड़ोसी के घर चले गए. लेकिन जब थोड़ी देर बाद लौटे तो हालत जस की तस थी.

जल रही थीं घर की बत्तियां
अमित पहले अपनी बीवी के मोबाइल पर कॉल करते हैं. लेकिन एक के बाद एक कई बार फोन करने के बावजूद जब उन्हें कोई रिस्पांस नहीं मिलता तो वो बेचैन हो उठते हैं. अमित की बेचैनी की एक वजह ये भी है कि घर के अंदर तमाम बत्तियां जल रही हैं और पंखों के चलने की आवाज भी आ रही है. लेकिन बार-बार घंटी बजाने और फोन करने के बावजूद अंदर से कोई कुछ नहीं बोल रहा.

अब अमित पड़ोसियों को ये बात बताते हैं और फिर बगलवाले फ्लैट से कूदकर अपने फ्लैट के अंदर दाखिल होते हैं. दूसरी ओर, पड़ोसी घर का ताला तोड़ने की कोशिश करते हैं. लेकिन अंदर का मंजर देखते ही अमित के होश उड़ जाते हैं. वो वहीं फर्श पर बैठकर रोने लगते हैं. घर में तीन लाशें पड़ी हैं. अमित की 34 साल की बीवी दीपा की, 9 साल के बेटे सक्षम और 6 साल की बेटी वैष्णवी की. तब तक आस-पड़ोस के लोग भी अमित के घर में दाखिल हो चुके होते हैं, लेकिन अंदर का मंजर देखकर हर किसी के रौंगटे खड़े हो जाते हैं.

बेडरूम में थी पत्नी की लाश
दीपा की लाश बेडरूम के फर्श पर पड़ी थी और उसके गले में चुन्नी लिपटी थी. उनके दो बच्चों की लाश बाथरूम में थी. लेकिन बाथरूम के आस-पास बिखरा खून और जिस्म पर बने जख्म गवाही देते हैं कि दोनों बच्चों का कत्ल गला रेत कर किया गया है.

अब फौरन पुलिस को वारदात की इत्तिला दी जाती है. चूंकि मामला ट्रिपल मर्डर का है. लोकल थाने की पुलिस के साथ-साथ कई बड़े अफसर मौका-ए-वारदात पर पहुंचते हैं. सुबूत जुटाने और सुराग तलाशने की कोशिश तेज हो जाती है. लेकिन सवाल ये हैं कि आखि‍र इन तीनों का कत्ल किसने किया? क्यों किया? क्या ये अमित या फिर दीपा से किसी की दुश्मनी का नतीजा था? लूटपाट की कोशिश का? या फिर वजह कोई और थी? लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये था कि आखि‍र कातिल ने जाते-जाते घर में ताला क्यों लगाया?

आगे पढ़ि‍ए मौका-ए-वारदात से मिले 5 अहम सुराग...{mospagebreak}सुराग नंबर एक
कातिल बेशक घर में बाहर से ताला लगा कर गया, लेकिन कत्ल से पहले उसे घर में दाखिल होने के लिए कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ी. मतलब ये कि सेकेंड फ्लोर पर मौजूद इस फ्लैट में कातिल जिस तरह आराम से दाखिल हुआ उससे इस बात का इशारा मिलता है कि कातिल अमित कुमार की पत्नी दीपा को जानने वाला था क्योंकि ना तो किसी ने वहां किसी जोर-जबरदस्ती का कोई शोर सुना और ना ही बाद में दरवाजे पर ऐसे कोई निशान ही मिले.

सुराग नंबर दो
जिस तरह जाते-जाते कातिल ने घर में बाहर से ताला लगा दिया, वो भी इस बात की तरफ इशारा करता है कि कातिल शायद दीपा या फिर अमित का जानकार था, जो इस वारदात को ज्यादा देर तक लोगों की निगाहों से छिपाए रखना चाहता था. इतना ही नहीं, उसे घर में रखे ताले का भी पता था क्योंकि घर के बाहर जो ताला लगा था, उसे कातिल अपने साथ लेकर नहीं आया था, बल्कि वो उन्हीं के घर में रखा ताला था.

सुराग नंबर तीन
मौका-ए-वारदात के मुआयने से ये बात भी साफ हो गई कि घर में कोई लूटपाट नहीं हुई क्योंकि घर का कोई भी सामान बिखरा हुआ नहीं था. ऐसे में कातिल जो भी था, वो दीपा की जान ही लेना चाहता था. यानी कत्ल का मकसद लूटपाट नहीं, बल्कि दुश्मनी थी.

सुराग नंबर चार
सूत्रों का कहना है कि अमित और दीपा के दोनों बच्चे शाम सवा छह बजे तक बाहर खेलते हुए देखे गए थे. इस दौरान उनकी बेटी वैष्णवी को गिरने से चोट लग गई थी और तब उनके दोनों बच्चों को किसी पड़ोसी ने घर चले जाने की सलाह दी थी. इसी के बाद बच्चे ऊपर अपने फ्लैट में चले गए. लेकिन शाम करीब सात बजे जब पहली बार अमित अपने घर लौटे तो उन्होंने अपने घर में ताला लगा हुआ देखा. यानी कातिल ने शाम साढ़े छह से सात बजे के बीच ही वारदात को अंजाम दिया.

सुराग नंबर पांच
पुलिस की मानें तो कातिल की दुश्मनी अमित या फिर दीपा दोनों में से किसी से भी हो सकती है. मुमकिन है दुश्मनी दोनों से हो, लेकिन कातिल का निशाना शायद दीपा ही थी क्योंकि कातिल शाम को साढ़े छह बजे आस-पास उनके घर पहुंचा था, जबकि अमित हर रोज तकरीबन सात बजे के बाद ही घर पहुंचते हैं.

कातिल के ताले में उलझी इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में लगी दिल्ली पुलिस इस वक्त कुछ इन्हीं बातों को जेहन में रखकर तफ्तीश आगे बढ़ा रही है. वो ये जानना चाहती है कि आखि‍र इस कत्ल की वजह क्या है? और कातिल की दीपा या फिर अमित से आखि‍र क्या दुश्मनी है? कुछ इन्हीं सोच के साथ पुलिस अब कस्टम इंस्पेक्टर अमित कुमार और उसकी पत्नी दीपा की हर उस मूवमेंट का पता लगा रही है, जो पिछले एक हफ्ते के दौरान दोनों की रही है.

बस इसी गरज से पुलिस दोनों के घरवालों, पड़ोसियों और अमित से पूछताछ के साथ-साथ उनके टेलीफोन की कॉल डिटेल्स भी खंगाल रही है. पुलिस मानती है कि कत्ल की वजह रिश्तों की पेच भी हो सकती है.

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