गाजा में इजरायली सेना पिछले 31 दिनों से कहर बरपा रही है. एक तरफ आम नागरिकों को उत्तर से दक्षिण गाजा की ओर जाने के लिए कहा जा रहा है, तो दूसरी ओर इजरायल डिफेंस फोर्सेस के जवान हमास के आतंकियों की तबाही में लगे हुए हैं. सबसे बड़ी बात हमास की लाइफलाइन कहे जाने वाले उसके टनल नेटवर्क पर जमकर बमबारी की जा रही है. आईडीएफ ने दावा किया है कि उसने महज 24 घंटे के अंदर गाजा की जमीन नीचे बने 130 सुरंगों को तबाह नष्ट कर दिया है. इन सुरंगों के जरिए हमास अपनी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. इतना ही नहीं इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि हमास नेता याह्या सिनवार को उसके बंकर में घेर लिया गया है.
इजरायली सेना ने 7 अक्टूबर हमलों के मास्टरमाइंड याह्या सिनवार को उसके बंकर में अलग-थलग कर दिया है. उसके संपर्क के सभी साधनों को काट दिया है. इजरायल के मुताबिक हमास के बड़े नेताओं में वही एक ऐसा नेता है जो इस वक्त गाजा पट्टी में है. इजरायली के रक्षा मंत्री ने अभी ये नहीं बताया है कि सिनवार का ठिकाना कहां है और उसे कहां गुप्त रखा गया है. याह्या सिनवार को बेहद खूंखार माना जाता है. उसे कई नामों से जाना जाता है. उसे कोई 'हमास का ओसामा बिन लादेन' कहता है, तो कोई 'खान यूनुस का जल्लाद'. इजरायल ने उसे 'आतंक का हिटलर' कहता है. इजरायल में हुए कत्लेआम का असली जिम्मेदार वही है. 1400 इजरायलियों की मौत और 230 बंधकों का मास्टरमाइंड है.
याह्या सिनवार इतना क्रूर है कि हमास से गद्दारी और इजरायल से वफादारी के शक में फिलिस्तीनियों को तड़पा-तड़पा कर मारता है. वो बच्चों के साथ खुलेमंच बंदूकों की नुमाइश करता है. उनकी मासूमियत को आतंक के जहर से मार डालता है. उसके बाद बच्चों पर ज्यादती का इल्जाम इजरायल पर लगाता है. इजरायली सेना जब गाजा में दाखिल हुई तो वो अपने बिल में छुप गया. यही वजह है कि इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने उसको बुजदिल कहा था. दो दिन पहले गाजा के लोगों से खुली अपील की थी कि या तो वो याह्या सिनवार को मार डालें या फिर इजरायली सेना मार डालेगी. अब इजरायली सेना ने भी उसे उसके बंकर से निकाल कर मारने या दफन कर देने का इरादा कर लिया है.

हमास की सबसे बड़ी ताकत उसका टेरर नेटवर्क है
बंकर में घिरे याह्या सिनवार कुछ दिन पहले ही अपने टनल नेटवर्क को अपनी ताकत बताया था. उसके मुताबिक, हमास की सबसे बड़ी ताकत उसके लड़ाके नहीं बल्कि उसका टनल नेटवर्क है. गाजा पट्टी में दो रास्ते हैं. एक सड़क का जिसे दुनिया देखती हैं. इस पर गाजा में रहने वाले लोग आते-जाते हैं, लेकिन एक और रास्ता हैं, जो जमीन के नीचे है. उसी रास्ते में सीक्रेट रूट है. वही रूट जिसका इस्तेमाल हमास के आतंकी एक जगह से दूसरे जगह जाने के लिए करते हैं. उसका इस्तेमाल रॉकेट हमले के लिए किया जाता हैं. उसका इस्तेमाल इजरायल के हवाई हमले से बचने के लिए किया जाता है. यही वजह है कि इजरायल द्वारा लगातार किए जा रहे हवाई हमलों से बच जा रहे हैं.
इजरायली पैसों से बने सुरंग से हमास की हिफाजत
इजरायली सेना की एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन सुरंगों का निर्माण मिस्र से माल की तस्करी के लिए किया गया था, लेकिन हवाई निगरानी के बाद हमास इन सुरंगों का इस्तेमाल अपने लड़ाकों, नेताओं के साथ हथियारों और खाद्य पदार्थों को छिपाने के लिए करने लगा. हमास द्वारा बनाई गई ये सुरंगें सामान्यत: 30 मीटर तक गहरी हैं, लेकिन कुछ सुरंगें 70 मीटर तक गहरी हैं. इजरायली बमबारी से बचने के लिए इसे मजबूत कंक्रीट से बनाया गया है. दिलचस्प बात ये है कि इजरायल की ओर से गाजा में सिविलियल कंस्ट्रक्शन के लिए सामान से इन सुरंगों का निर्माण किया गया है. आईडीएफ के मुताबिक, एक सुरंग बनाने में करीब 3 मिलियन डॉलर का खर्च आता है.
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दूसरे देश में बैठ हुए ऐश कर रहे हैं हमास के नेता
हमास के हमलों के पीछे उसके 12 खूंखार नेता हैं, जो इस वक्त गाजा के बाहर अलग-अलग देशों में मौजूद हैं. क्योंकि उन्हें पता है कि इजरायल अपने दुश्मनों को छोड़ता नहीं है. यही वजह है कि वो गाजा से बाहर बैठे हुए आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. दूसरों मुल्कों के पैसों पर ऐश कर रहे हैं. फिलिस्तीन में चाहे नौजवान हमास के लिए इजरायल से जंग लड़ते हुए मारे जाएं या फिर छोटे-छोटे बच्चे भूख-प्यास या बीमारी से मर जाएं, उनको कई फर्क नहीं पड़ता है. हमास की सालाना टर्नओवर एक बिलियन डॉलर है, लेकिन उसके बावजूद 12 फीसदी बच्चे गाजा में दूषित पानी से दम तोड़ देते हैं. गाजा के लोग जहां बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसते हैं, वहीं हमास नेता पैसों से अपनी जेब भर रहे हैं.
निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई इजरायल-हमास की जंग
इजरायल और हमास के बीच पिछले एक महीने से जंग चल रही है. इजरायल का दावा है कि युद्ध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है. इस दौरान इजरायली सेना गाजा पट्टी के करीब आधे इलाके पर अब कब्जा जमा लिया है. जमीनी अभियान में हमास के गिने चुने ठिकाने नष्ट किये जा रहे हैं. हमास के 20 अधिक बड़े कमांडर और 1000 से अधिक आतंकवादी मारे जा चुके हैं. इसी कड़ी में इजरायली सेना ने बुधवार को हमास के 'रॉकेट मैन' कहे जाने वाले खतरनाक आतंकी मोहसिन अबू जिना को खत्म कर दिया है. अबू जिना हमास की रॉकेट फैक्ट्री का हेड था, जहां एक से बढ़कर एक अत्याधुनिक रणनीतिक हथियार और रॉकेट विकसित किए जाते थे.
IDF ने हमास के 'रॉकेट मैन' मोहसिन को उड़ाया
इजरायल में 7 अक्टूबर को हुए हमास के आतंकी हमले अबू जिना की अहम भूमिका थी. उसके बनाए रॉकेट से हमास से इजरायल का सबसे ज्यादा नुकसान किया था. इससे पहले मंगलवार को इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने हमास की दीर अल-बलाह बटालियन के कमांडर वाएल असेफा को मार गिराया था. उसने सेंट्रल कैंप ब्रिगेड के कमांडरों के साथ इजरायल में हुए नरसंहार के दौरान हमास के आतंकवादियों को भेजने में मदद की थी. उसके बाद भी कई आतंकी वारदातों में शामिल था. उसे साल 1992-1998 के बीच इजरायल विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से जेल की सजा मिली थी. इसके साथ ही आईडीएफ ने कई अहम कमांडरों को गाजा के सुरंगों में घेर रखा है.