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घातक हुआ कोरोना वायरस, चीन के खिलाफ बढ़ रहा है दुनिया में गुस्सा

दुनिया में कोरोना का कहर जारी है. काम धंधा ठंप है. लोग लॉकडाउन में हैं. वायरस का शिकार होने वालों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है. दुनिया के तमाम मुल्क अभी तक कोरोना से जूझ रहे हैं. मगर चीन कोरोना से जूझने के बजाए अपने पड़ोसियों से क्यों जूझ रहा है.

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कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से ही हुई थी
कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से ही हुई थी

  • चीन से निकलकर पूरी दुनिया में फैला कोरोना वायरस
  • पूरी दुनिया के गुस्से का शिकार हो रहा है ड्रेगन

पूरी दुनिया चीन से निकले कोरोना से जूझ रही है. चीन अपनी पूरी ताकत भारत समेत अपने तमाम पड़ोसियों के साथ विवादों को खड़ा करने में झोंक रहा है. मगर सवाल ये कि चीन आखिर ये तमाम चीज़ें ऐसे वक्त में क्यों कर रहा है. जबकि दुनिया पर कोरोना का कहर है. वो भी अकेले भारत के साथ नहीं बल्कि अपने कुछ और पड़ोसी देशों के साथ भी.

दुनिया में कोरोना का कहर जारी है. काम धंधा ठंप है. लोग लॉकडाउन में हैं. वायरस का शिकार होने वालों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है. दुनिया के तमाम मुल्क अभी तक कोरोना से जूझ रहे हैं. मगर चीन कोरोना से जूझने के बजाए अपने पड़ोसियों से क्यों जूझ रहा है. दरअसल, ये सारा खेल टाइमिंग का है. क्योंकि जैसे कोरोना घातक होता जा रहा है. वैसे वैसे दुनिया का गुस्सा और चीन का टाइम खराब होना शुरु हो गया है.

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कोरोना वायरस से मची तबाही के लिए चीन को दोषी मानते हुए. सबसे पहले अमेरिका ने उससे सभी तरह के संबंध तोड़ने की धमकी दी. उसके बाद ऑस्ट्रेलिया सामने आया. जो लगातार कोरोना वायरस के लिए चीन पर एक इंडीपेंडेंट इन्क्वायरी के लिए दबाव डाल रहा है. संयुक्त राष्ट्र में जांच की मांग करने की मांग करने वाले देशों की तादाद 62 तक पहुंच गई है. सब के सब कोरोना वायरस के सोर्स को पता लगाने के लिए चीन के खिलाफ इंक्वायरी की मांग पर डटे हुए हैं. क्योंकि इनका मानना है कि कोरोना वायरस का सोर्स चमगादड़ नहीं बल्कि वुहान की ये वायरोलाजी लैब ही है.

इसमें तो शक़ नहीं कि जिस तरह दुनिया कोरोना से जूझ रही है. और चीन आराम से बैठा है. उसमें कुछ तो गड़बड़ ज़रूर है. ज़ाहिर है चीन के खिलाफ इंडीपेंडेंट इन्क्वायरी हुई. तो चीन के लिए मुश्किल तो पैदा हो ही जाएगी. लिहाज़ा चीन कुछ ऐसा बखेड़ा खड़ा करना चाहता है कि ताकि दुनिया का ध्यान कोरोना से भटक जाए. अब सवाल ये कि आखिर चीन भारत के साथ इस वक्त क्यों उलझना चाहता है. तो उसकी वजह ये है कि एक तो चीन के बाकी पड़ोसियों के मुकाबले भारत बहुत बड़ा देश है और उसके साथ विवाद हुआ तो दुनिया का ध्यान भटक सकता है.

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इस विवाद की दूसरी वजह ये है कि भारत लगातार उन देशों का समर्थन कर रहा है, जो कोरोना के मामले में चीन के खिलाफ इंडीपेंडेंट इन्क्वायरी की मांग कर रहे हैं. लिहाज़ा मुमकिन है कि भारतीय सीमा में घुसपैठ कर के. वो इसके लिए भारत से बदला लेने की कोशिश कर रहा हो. और तीसरी सबसे अहम वजह ये भी है कि कोरोना वायरस की वजह से खराब हुई चीन की इमेज के बाद दुनिया की बड़ी कंपनियां चीन छोड़कर भारत का रुख कर रही हैं. जिससे चीन काफी झुंझलाया हुआ है. लिहाज़ा वो भारत को हर तरफ से घेरने की कोशिश कर रहा है. चीन की कोशिश तो पाकिस्तान को भी भारत के साथ उलझाने की है ताकि भारत तीनों तरफ से घिर जाए.

कोरोना वायरस फैलाने के आरोपों में अपनी गर्दन फंसता देख. चीन सिर्फ भारत के साथ ही नहीं बल्कि अपने दूसरे पड़ोसियों. मसलन ताईवान, वियतनाम, थाईलैंड, हॉन्गकॉन्ग और फिलीपींस के साथ विवाद खड़ा करने की तमाम कोशिश कर रहा है. इतना ही नहीं साउथ चाइना सी में भी उथल-पुथल कर उसने अमेरिका, जापान और साउथ कोरिया को उकसाने की कोशिश की है. मगर दुनिया अब चीन की इस टाइमिंग के खेल को समझ चुकी है.

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