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आसाराम की बेटी भारती ने पुलिस के सामने कबूली 'कलंक कुटिया' में लड़की भिजवाने की बात

'हां, मैं ये मानती हूं कि मैं इन्हें (बलात्कार पीड़ित लड़की) जानती हूं. और मैंने ही इन्हें पहली बार आसारामजी बापू के एकांतवास की कुटिया में भिजवाया था.' ये कुबूलनामा किसी और का नहीं बल्कि खुद आसाराम की बेटी भारती सिरुमलानी उर्फ़ भारती श्री का है.

आसाराम और उनकी बेटी भारती आसाराम और उनकी बेटी भारती

कहते हैं जब पुलिस अपनी पर आती है तो अच्छे-अच्छों के होश ठिकाने आ जाते हैं. और अब पुलिस की पूछताछ में आसाराम की बेटी भारती ने भी आख़िरकार वही बात कुबूल ली, जो पुलिस उससे सुना चाहती थी. भारती ने मान लिया कि वो अपने पिता आसाराम की कुटिया में लड़कियों को भेजा करती थी, लेकिन आख़िर सबकुछ जानते हुए भी भारती क्यों करती थी ऐसा?

'हां, मैं ये मानती हूं कि मैं इन्हें (बलात्कार पीड़ित लड़की) जानती हूं. और मैंने ही इन्हें पहली बार आसारामजी बापू के एकांतवास की कुटिया में भिजवाया था.' ये वो कुबूलनामा है, जो बलात्कार और यौन शोषण के आरोपों से घिरे स्वयंभू संत आसाराम की तकदीर के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकता है. क्योंकि ये कुबूलनामा किसी और का नहीं बल्कि खुद आसाराम की बेटी भारती सिरुमलानी उर्फ़ भारती श्री का है.

पुलिस की मानें तो पूछताछ के दौरान उन्होंने पीड़ित लड़की का भारती और आसाराम से आमना-सामना करवाया. यहां भारती ने ना सिर्फ़ उस लड़की को पहचान लिया, बल्कि ये भी कहा कि उन्होंने ही उसे आसाराम के पास कुटिया में भिजवाया था. पुलिस का कहना है कि क्रॉस इंटेरोगेशन के दौरान जब लड़की ने खुद ही भारती से सवाल-जवाब शुरू किए, तो भारती के पास उसे पहचानने और सारी बात कुबूलने के सिवाय कोई चारा ही नहीं था, क्योंकि ये लड़की उनके अहमदाबाद आश्रम में ही रहती थी.

हालांकि भारती से ये पूछे जाने पर कि उन्होंने सबकुछ जानते हुए भी उस लड़की को आसाराम की कुटिया तक अकेले में क्यों भिजवाया? तो भारती ने जवाब दिया, 'मैंने तो लड़की को आसाराम जी बापू के पास मंत्र दीक्षा के लिए भिजवाया था. कुटिया के अंदर क्या हुआ, इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है.'

आसाराम की कलंक की कुटिया को लेकर ये अकेले भारती का कुबूलनामा नहीं है, आसाराम की साधिका रही ध्रुवबेन ने भी पुलिस की पूछताछ में ऐसी कई बातें कुबूली हैं, जो बलात्कार की शिकार लड़की ने कही हैं. मसलन, ध्रुवबेन ने उन चार लड़कियों को जानने की बात मान ली है, बलात्कार की शिकार लड़की ने ध्रुवबेन पर जिन लड़कियों का गर्भपात करवाने का इल्ज़ाम लगाया है. हालांकि ध्रुवबेन ने कहा है कि उन लड़कियों को कई दफा आयुर्वेदिक दवाओं के काम नहीं करने पर इलाज के लिए डॉक्टर के पास लेकर गई थी, लेकिन उन्होंने लड़कियों का गर्भपात नहीं करवाया.

अहमदाबाद पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में दोनों का ये कुबूलनामा इस बात की तस्दीक करता है कि पीड़ित लड़की की बताई गई बातें बिल्कुल सही हैं. अब उन्हें इस मामले की तफ्तीश में कुछ और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की दरकार है.

जब रसोइये ने मुंह खोला तो अटकी आसाराम की सांसें
बलात्कार की शिकार लड़की को आसाराम की कुटिया तक ले जाने वाले रसोइये ने जब अपना मुंह खोला तो सुनने वाले बस सुनते रह गए. आसाराम की सांसें अटक गईं, क्योंकि उसका ये सच ना सिर्फ़ रौंगटे खड़े करने वाला था, बल्कि कुटिया की कलंक-कथा का वही सबसे बड़ा राज़दार था.

अब आसाराम के सबसे करीबी दो राजदारों ने उनके बारे में जो खुलासा किया है, उसे सुन कर मामले की तफ्तीश कर रही पुलिस अफ़सरों का दिमाग भी चकरा गया है. क्योंकि इन राजदारों में एक ने जहां पीड़ित लड़की को आसाराम की कलंक की कुटिया तक पहुंचाने की बात मानी है, वहीं दूसरी आश्रम में उस लड़की की सहेली रही है. इन्होंने बताया है कि अहमदाबाद के आश्रम में आसाराम ने सिर्फ एक नहीं बल्कि लड़कियों के साथ सालों-साल समर्पण और सान्निध्य के नाम पर बलात्कार किया. लड़कियों को अपने कलंक की कुटिया में बुला कर उनका यौन शोषण करते रहे.

अखिलेश आसाराम का रसोइया था. कभी आसाराम के लिए चूल्हा जलाने वाले इस शख्स ने अब सच्चाई की आंच में आसाराम के झूठ को जलाने का फैसला किया है. मुजफ्फनगर के रहने वाले अखिलेश ने पुलिस की पूछताछ में आसाराम की तमाम करतूतों का भांडा तो फोड़ा ही है, सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान देकर अपनी बातों पर क़ानून की मुहर भी लगवा ली है. अखिलेश ने खुलासा किया है कि अहमदाबाद में जिस लड़की ने आसाराम पर बलात्कार का इल्ज़ाम लगाया है, उस लड़की को किसी और ने नहीं, बल्कि खुद उसी ने आसाराम की कुटिया तक पहुंचाया था. और आसाराम ने घंटों उसके साथ नाजायज हरकत की.

पुलिस की मानें तो अखिलेश ने सिर्फ इस लड़की को नहीं, बल्कि कई और लड़कियों को भी समर्पण और सान्निध्य के नाम पर आसाराम के पास भेजा था. वो 1994 से लेकर 2003 तक आसाराम के आश्रम में काम करता रहा और इस दौरान वो आश्रम में होनेवाले आसाराम के हर धतकरम बनता रहा.

रसोइए की पत्नी को भी बहुत कुछ मालूम
अखिलेश की पत्नी वर्षा आश्रम की वक्ता थी. अखिलेश की पत्नी वर्षा ने तो आसाराम के बारे में जो खुलासा किया है, वो कहीं और भी ज़्यादा चौंकाने वाला है. क्योंकि वर्षा सिर्फ़ आसाराम की करतूतों की गवाह ही नहीं रही, बल्कि उस लड़की की सहेली भी रही है, जिस लड़की ने आसाराम पर बलात्कार का इल्ज़ाम लगाया है. पुलिस सूत्रों की मानें तो वर्षा ने पुलिस को बताया कि किस तरह इस लड़की को बहला-फुसला कर आसाराम के गुर्गों ने उसे एकांतवास की कुटिया तक पहुंचाया था. और कई घंटे गुज़ारने के बाद जब वो कुटिया से बाहर आई तो घबराहट और तकलीफ़ के मारे उसे बुखार तक हो गया.

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