देश में कोरोना का कहर जारी है. देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में कोरोना आफत बनकर टूटा है. इस बीच भारत में कोरोना के संक्रमण और उसकी रोकथाम के प्रयासों को लेकर हुई एक चर्चा में हॉर्वर्ड ग्लोबल हेल्थ इंस्टीट्यूट के निदेशक आशीष के झा ने कहा कि भारत को कोरोना की लड़ाई जीतने के लिए टेस्टिंग और ट्रैकिंग बढ़ाने होंगे.
कोरोना से बिगड़ते हालात पर इंडिया टुडे के न्यूजट्रैक प्रोग्राम में Harvard Global Health Institute के डायरेक्टर आशीष के झा ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि भारत ग्लोबल हॉटस्पॉट बनते जा रहे हैं. कोरोना से निपटने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, टेस्टिंग, ट्रैकिंग, आइसोलेशन और मास्क ही फिलहाल रामबाण हैं. भारत में टेस्टिंग और ट्रैकिंग बढ़ाना होगा और इसे लंबे अभियान के तौर पर चलाना होगा.
अमेरिका को पिछाड़ने की ओर से बढ़ रहा भारत
आशीष के झा ने कहा कि भारत का लॉकडाउन आइडिया अच्छा था, लेकिन जो इसमें करना था, वैसा नहीं हुआ. लॉकडाउन में हॉटस्पॉट मिसिंग रहे, जिससे केस बढ़ गए. टेस्टिंग और ट्रैकिंग भी प्रॉपर ढंग से नहीं हुई, जो बहुत जरूरी था. उन्होंने कहा कि कम से कम 30 से 50 हजार लोग हर रोज पॉजिटिव हो रहे हैं, लेकिन जांच से केवल 10 से 12 हजार मामलों का पता लगा रहे हैं.
#CoronavirusCrisis | How can India flatten the curve? Ashish K Jha, Director, Harvard Global Health Institute, responds. #Newstrack pic.twitter.com/wrPLwGSIpO
— Rahul Kanwal (@rahulkanwal) June 15, 2020
चर्चा के दौरान आशीष के झा ने कहा कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसफर हो चुका है, लेकिन राजनीतिक दल इसे मान नहीं रहे हैं. जिस तरह से भारत में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि वो अमेरिका को पछाड़ने की ओर बढ़ रहा है. इस चर्चा में आम पार्टी के नेता राघव चड्डा और बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा भी शामिल थे.
दिल्ली: बैठकों के बाद अचानक LNJP अस्पताल पहुंचे शाह, डॉक्टरों से की बात
दिल्ली की हालत सुधारने के लिए एक्टिव हुए अमित शाह
दिल्ली से पिछले 3 दिन में हर दिन लगातार कोरोना के 2 हजार से ज्यादा केस सामने आए हैं. यहां कोरोना मरीजों की संख्या 40 हजार के पार पहुंच चुकी है. इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में कोरोना कंट्रोल का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया है. सोमवार को उन्होंने LNJP अस्पताल का दौरा किया और कई महत्वपूर्ण निदेश दिए. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना के लेकर 17 और 18 जून को मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं.
12 जून को दुनिया में चौथे नंबर पर रही दिल्ली
बता दें कि 12 जून का दिन भारत के लिए बड़ी चिंता वाला साबित हुआ था. दिल्ली में एक दिन में दुनिया में चौथे नंबर पर सर्वाधिक Covid-19 केस आए थे. इससे आगे बस सैंटियागो (चिली), लीमा (पेरू) और साओ पाउलो (ब्राजील) शहर थे. नए केसों को लेकर शुक्रवार को चेन्नई दुनिया का छठा सर्वाधिक प्रभावित और मुंबई सातवां शहर था.
दिल्ली का 11 और 12 जून को नए केसों का आंकड़ा, जब से महामारी शुरू हुई है तब से, किसी भी और भारतीय शहर की तुलना में ऊंचा था. 11 जून को 1,877 और 12 जून को 2,137 नए केस दिल्ली में सामने आए थे. इससे पहले सबसे ऊंचा आंकड़ा 1,751 केस देश में 22 मई को मुंबई के नाम दर्ज था. इसी परिप्रेक्ष्य में न्यूयॉर्क सिटी ने सबसे बुरा दिन 6 अप्रैल को देखा था, तब वहां 6,375 नए केस सामने आए थे.