पिछले आठ दिनों से कोटा में रह रहे कोचिंग छात्रों की रवानगी का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा. सुबह से शाम तक विभिन्न राज्यों व राजस्थान के जिलों के कोचिंग इंस्टीट्यूट के छात्र रवाना हुए. शुक्रवार को सुबह 8 बजे असम के छात्रों की रवानगी शुरू हुई. इसके बाद हरियाणा के छात्रों की रवानगी हुई. राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के 2100 से अधिक छात्रों को 84 बसों से रवाना किया गया है.
शुक्रवार शाम को 66 बसों में 1661 छात्रों को तीन बस प्वाइंट- एलन साकार झालावाड़ रोड, एलन सत्यार्थ जवाहर नगर एवं एलन सम्यक कैम्पस लैंडमार्क सिटी से रवाना किया गया. कई छात्रों के अभिभावक भी उनके साथ रवाना हुए.
सुबह 8 बजे से ही असम के छात्र, तीनों बस प्वाइंट पर पहुंचने लगे थे. शुक्रवार को असम की 18 बसों से 389 छात्रों को रवाना किया गया. सभी छात्रों को स्लीपर कोच बसों से रवाना किया गया. इसके बाद हरियाणा की बसों में वहां के छात्रों को भेजा गया. हरियाणा रोडवेज की 31 बसों से 843 छात्र रवाना हुए. इसमें फरीदाबाद, भिवानी, झज्जर, रेवाड़ी, अम्बाला जोन के छात्रों को रवाना किया गया.
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वहीं राजस्थान के कई अन्य छात्र जो कोटा में रह कर पढ़ाई कर रहे थे उन्हें भी अपने जिले के लिए रवाना कर दिया गया है. शुक्रवार को गंगानगर, जैसलमेर, हनुमानगढ़, बाड़मेर, बीकानेर, जालौर, चूरू, झुंझुनूं, सिरोही, जोधपुर, भरतपुर, अलवर, सीकर, डूंगरपुर, नागपुर, पाली, धौलपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़, दौसा, जयपुर, राजसमंद, करौली के लिए शाम 5 से रात 9 बजे तक बसें रवाना हुईं.
वहीं 25 अप्रैल यानी आज (शनिवार) अजमेर, रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, टौंक व सवाई माधोपुर के लिए बसें सुबह 10 बजे से रवाना होंगी. गुरुवार को 5 बसों से राजस्थान में हाड़ौती संभाग के तीन जिलों के लिए 100 छात्र रवाना हुए थे. जबकि शुक्रवार को 66 बसों से 1661 छात्रों रवाना हुए. यानी अब तक 71 बसों से 1761 छात्र राजस्थान के विभिन्न जिलों में अपने घर पहुंच चुके हैं, वहीं शनिवार को 18 बसों से 444 छात्र रवाना होंगे.
18 हजार से अधिक छात्र हुए रवाना
कोटा से अब तक 18 हजार 781 छात्रों को रवाना किया जा चुका है. यहां से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, असम, गुजरात, राजस्थान, दमन-दीव, दादरा और नगर हवेली के लिए छात्रों को रवाना किया जा चुका है. हालांकि अब भी यहां पर बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, दिल्ली व पूर्वोत्तर राज्यों के तकरीबन 20 हजार छात्र मौजूद हैं.
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हर संभव कोशिश जारी
इस संबंध में एलन करियर इंस्टीट्यूट के निदेशक नवीन महेश्वरी ने बताया कि शेष अन्य राज्यों से भी बातचीत जारी है. हम उम्मीद करते हैं कि शेष राज्यों की सरकारें भी आगे आएंगी और अपने-अपने छात्रों को घर व परिवार से मिलने का मौका देंगी. जिला प्रशासन का भी इसमें पूरा सहयोग मिल रहा है और यही कारण है कि अभी तक बड़ी संख्या में छात्रों को कोटा से वापस अपने घर भेजा जा चुका है.
एएसडब्ल्यूएस की टीम कर रही बसों को सैनिटाइज
कोटा से रवाना हो रही सभी बसों को कोटा में सैनिटाइज किया गया. पूरी सफाई के बाद ही छात्रों को सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए बसों के अंदर बैठाया गया. साथ ही छात्रों से भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा गया है. हजारों छात्रों को भोजन के साथ-साथ अल्पाहार के पैकेट्स भी दिए गए हैं. अल्पाहार के पैकेट में पानी की बोतल, वेफर्स, कुरकुरे, चॉकलेट, बिस्किट, भुजिया दी गई है. साथ ही प्रत्येक छात्रों को मास्क भी दिया गया है.
छात्रों की हो रही थर्मल स्क्रीनिंग
छात्रों को रवाना करने से पहले उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई. शरीर का तापमान सही पाए जाने के बाद ही उन्हें रवाना किया गया. हर स्टूडेंट को आवश्यक किट बैग में मास्क दिया गया है. साथ ही उनसे हमेशा मास्क लगाए रखने को कहा गया है. बच्चों को बसों में बैठाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखा गया है. एक बस में अधिकतम 30 छात्रों को ही बैठाया गया है.
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इंस्टीट्यूट के स्टाफ, कोचिंग विद्यार्थियों का सामान उठाकर बसों तक ला रहे हैं. लॉकडाउन के चलते शहर में ऑटो-टेम्पो नहीं चलने और किसी अन्य तरह की सहायता नहीं मिलने की स्थिति में इंस्टीट्यूट के स्टाफ द्वारा बच्चों को वाहनों के जरिए हॉस्टल से बस प्वाइंट तक लाया जा रहा है. उनके सामान को एलन स्टाफ के सदस्यों द्वारा बसों तक पहुंचाया जा रहा है ताकि तेज धूप में उन्हें किसी तरह की कोई तकलीफ नहीं हो.
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