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झारखंड में कोरोना चेन तोड़ने के लिए बढ़ाया गया स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह, 13 मई तक रहेगी सख्ती 

कोरोना की चेन तोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का समय बढ़ा दिया गया है. पहले की अपेक्षा इस स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह में कुछ खास राहत नहीं दी गई है. वहीं सरकार के इतने प्रयास के बाद भी लोग नियमों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं. 

झारखंड में कोरोना चेन तोड़ने के लिए बढ़ाया गया स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह झारखंड में कोरोना चेन तोड़ने के लिए बढ़ाया गया स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सरकारी कार्यालयों को छूट, पहले की तरह खुलेंगे
  • आजसू ने की कोरोना मरीजों के फ्री इलाज की मांग
  • लोहरदगा में नियम तोड़ने पर तीन दुकानें की गईं सील 

झारखंड़ में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का समय बढ़ा दिया है. एक सप्ताह के लिए बढ़ाए गए समय के अनुसार 13 मई तक सख्ती रहेगी. राज्य सरकार के आदेश के अनुसार सिर्फ एक बदलाव किया गया है, जो सरकारी कार्यालय दिन के 2 बजे तक खुले थे, वे अब पहले की तरह पूरे दिन खुले रहेंगे.

नहीं दी खास छूट 
झारखंड सरकार ने कोरोना को लेकर जो पाबंदियां लगाई थीं, उनमें कोई ढिलाई नहीं दी गयी है. राज्य सरकार ने बहुत ही छोटा सा बदलाव करते हुए सरकारी कार्यालयों को पहले की तरह खोलने का निर्णय लिया है, जो अब तक दोपहर दो बजे तक खुल रहे थे. बता दें कि राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. हर दिन नए केसों की संख्या 6 हजार के पास पहुंच गई है, जिसके चलते सरकार ने कोई भी ढिलाई न देने का फैसला किया है. 

कोरोना मरीजों का फ्री में इलाज करने की मांग 
वहीं आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा कि सरकार को कोविड संक्रमितों का इलाज मुफ्त कराना चाहिए. सुदेश महतो ने कहा कि अगर सरकार यह निर्णय लेती है, तो गरीब जनता को बड़ी राहत मिलेगी. रांची सहित पूरे राज्य में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. एक परिवार में कई सदस्य संक्रमित होने से सभी के लिए इलाज का खर्च उठा पाना संभव नहीं है. इलाज पर बेतहाशा खर्च के कारण परिवार की आर्थिक हालत खराब हो गई है. वहीं उन्होंने जांच में तेजी लाए जाने की मांग करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं हैं. निजी अस्पतालों में इलाज कराना सबके बस की बात नहीं है. वहीं निजी अस्पतालों में टीकाकरण बंद कराने पर नाराजगी जताते हुए इस व्यवस्था को फिर से शुरू करने की मांग की. 


लोहरदगा में शटर बंद, बिक्री चालू
झारखंड के लोहरदगा में लॉकडाउन- स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह लागू है. केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रखने का आदेश हैं. मगर कपड़ा, श्रृंगार, स्टेशनरी आदि के दुकानदारों द्वारा भी चोरी चुपके दुकानें चलाने की सूचना पर प्रशासन ने कार्रवाई की. कार्यपालक अधिकारी देवेंद्र कुमार और अंचल अधिकारी परमेश्वर कुशवाहा ने शहर के बड़ा तालाब, अपर बाजार, गुदरी बाजार स्थित लक्ष्मी नारायण सीताराम कलेक्शन, झारखंड ड्रेसेज, और चम्पा लाल चौधरी कपड़ा दुकान में छापामारी की. सभी दुकान में बाहर से ताला बंद था. अंदर ग्राहकों की भीड़ जमा थी. इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन दुकानों को तुरंत सील कर दिया गया. 

इन पर हुई कार्रवाई 
थाना रोड बालिका विद्यालय के समीप स्थित स्टूडेंट्स बुक डिपो, शास्त्री चौक थाना रोड स्थित आर जी नेक्स्ट कपड़ा मॉल, सोमार बाजार स्थित जूता दुकान पर कार्रवाई हुई. नगर परिषद के ईओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि इन दुकानों में बाहर से ताला बंद था और अंदर ग्राहक थे. उन्होंने बताया कि सरकारी निर्देशों की अवहेलना कर दुकान चलाने वालों पर जुर्माना और दुकान सील करने की कार्रवाई लगातार की जा रही है. लोहरदगा जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव रितेश कुमार ने लॉकडाउन की अवहेलना कर दुकानदारी करने वालों पर कार्रवाई का समर्थन किया है. 

कोरोना को हराने के बाद अब पिता-पुत्र कर रहे नेक काम  
वहीं झारखंड में एक ओर कोरोना महामारी से लोग जूझ रहे हैं, तो वहीं कोरोना को हराने के बाद रांची के रहने वाले त्रिपाठी परिवार ने महामारी के समय में असहाय और लाचार लोगों की सेवा का संकल्प लिया है. रांची के गुरुनानक स्कूल के पास रहने वाले बीरेंद्र त्रिपाठी का परिवार कोरोना की पहली लहर में संक्रमित हुआ था. उनकी खुद की हालत बेहद खराब थी. कोरोना से जंग जीतने के बाइ अब इस परिवार ने दूसरी की सेवा का संकल्प लिया है. इसी संकल्प के चलते बीरेंद्र और उनके पुत्र द्वारा शोसल मीडिया पर एक वृद्धा की कोरोना से संक्रमित होने की सूचना मिली, तो वे उसके घर पहुंच गए. 90 वर्षीय इस वृद्धा को पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में अस्पताल में भर्ती कराया गया. 

(इनपुट- लोहरदगा से सतीश शाहदेव)

 


 

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