scorecardresearch
 

दिल्ली: कोरोना से टूटती सांसों की डोर, इन तीन बड़े अस्पतालों में लग रहे प्लांट, ऑक्सीजन के लिए जानें क्या है तैयारी

राजधानी दिल्ली में कोरोना का कहर जारी है. ऐसे में ऑक्सीजन से टूटती सांसों की डोर को थामने के लिए सरकार की ओर से खूब प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन रोजाना आने वाले मौत के आंकड़े डरा रहे हैं. वहीं अब उत्तरी नगर निगम में तीन हॉस्पिटल में ऑक्सीजन प्लांट बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं. 

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तीन प्लांटों पर 8 करोड़ का आएगा खर्चा 
  • एक माह में बनेंगे तीनों ऑक्सीजन प्लांट
  • दूसरे हॉस्पिटल को ​भी मिलेगी ऑक्सीजन 

राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच लोग ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहे हैं. ऐसे में नार्थ दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत आने वाले  तीन बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की दिशा में काम शुरु हो गया है. वहीं दिल्ली की केजरीवाल सरकार भी ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. 

नगर निगम का होगा प्लांट 
नार्थ दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों ने मेयर जय प्रकाश के साथ हॉस्पिटल में लगने वाले प्लांट का जायजा लिया. मेयर जय प्रकाश ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए हमारी कॉर्पोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से इंडियन ऑयल से बात चल रही है. उन्होंने नगर निगम फाइल भेज दी है. जैसे ही से फाइल को अनुमति मिलेगी और फंड आ जाएगा निगम एक माह के अंदर एक ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर देगा. मेयर की मानें तो उत्तरी दिल्ली नगर निगम का यह खुद का ऑक्सीजन प्लांट होगा. अस्पताल में जो मरीज आने वाले वक्त में एडमिट होंगे, उनको ऑक्सीजन की किल्लत से जूझना नहीं पड़ेगा, जो इस वक्त दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों में लोगों को जूझना पड़ रहा है.

दूसरे हॉस्पिटल में काम आएगी ऑक्सीजन
मेयर ने ये  बताया कि यह ऑक्सीजन प्लांट आधुनिक तकनीक से युक्त होंगे, जिनमें एक हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जो कि 200 बिस्तर के अस्पताल के लिए पर्याप्त हैं. उन्होंने बताया कि चूंकि बालकराम अस्पताल 100 बिस्तर का है, इसलिए 100 बिस्तर की जो अतिरिक्त ऑक्सीजन उत्पादित होगी, वह दूसरे अस्पतालों के काम आएगी.

इन हॉस्पिटल में लगेगा ऑक्सीजन प्लांट
मेयर ने जानकारी देते हुए बताया कि बालक राम अस्पताल के साथ, राजन बाबू टीबी और बाड़ा हिंदूराव अस्पताल में भी ऑक्सीजन का प्लांट लगाया जाना है. इन तीनों पर करीब आठ करोड़ रुपये का खर्चा आएगा. इसके साथ ही इन ऑक्सीजन प्लांट पर पाइप से ऑक्सीजन मरीजों तक पहुंचाने के साथ ही ऑक्सीजन के सिलेंडर भी भरने की क्षमता होगी, ताकि जरूरत होने पर दूसरे अस्पतालों या स्वास्थ्य इकाइयों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके.


 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें