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Corona cases in Delhi: एक दिन में कोरोना पॉजिटिव का बना रिकॉर्ड, दिल्ली में 28867 नए केस

देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 481 मरीजों की मौत हुई हैं, जिससे मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 4,84,859 हो गई है. केरल में सबसे ज्यादा 300 लोगों की मौत हुई जबकि दिल्ली में 40 कोरोना के मरीजों की जान गई है.

स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में कोरोना ने तोड़ा रिकॉर्ड, एक दिन में 28 हजार से ज्यादा मामले
  • विशेषज्ञों का दावा, दिल्ली में 35 से 70 हजार प्रतिदिन आ सकते हैं कोरोना केस

दिल्ली में गुरुवार को भी कोरोना बम फूटा है और बीते 24 घंटे में 28867 नए मामले सामने आए हैं. संक्रमण दर दिल्ली में 19.21 फीसदी है जबकि 31 लोगों की मौत इस महामारी की वजह से हुई है.

संक्रमित केसों के मामले में दिल्ली ने पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है. किसी भी एक दिन में यह अब तक सबसे ज्यादा केस है. इससे पहले 20 अप्रैल को 28,395 मामले सामने आए थे. दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट बढ़कर  29.21 फीसदी तक पहुंच चुकी है. संक्रमण दर 3 मई के बाद से अपने उच्च स्तर पर है. 3 मई को संक्रमण दर 29.55 फीसदी थी.

राजधानी में सक्रिय कोरोना मरीजों की संख्या 94,160 तक पहुंच चुकी है जो बीते साढ़े 8 महीने में सबसे ज्यादा है. कोरोना के इस कहर ने बीते 24 घंटे में 31 लोगों की जान ले ली है. दिल्ली में अब तक 25,271 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है.

दिल्ली में अभी 62,324 मरीज होम आइसोलेशन में है. सक्रिय कोरोना मरीजों की दर 5.71 फीसदी है जबकि रिकवरी दर 92.74 फीसदी है. बीते 24 घंटे में 22,121 मरीज ठीक होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हुए हैं. ठीक हुए मरीजों की संख्या 15,27,152 तक पहुंच चुकी है.

वहीं बात अगर दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग की करें तो 24 घंटे में 98,832 टेस्ट हुए हैं. टेस्ट का कुल आंकड़ा 3,38,47,240 तक पहुंच चुका है. दिल्ली में कंटेनमेंट जोन्स की संख्या- 23,997 है जबकि कोरोना डेथ रेट 1.53 फीसदी है.

विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिल्ली में पीक के समय एक दिन में 35 से 70 हजार तक मामले सामने आ सकते हैं.

अधिकारियों का कहना है कि अगर 1 लाख मामले हर दिन आते हैं तो 28 हजार ऑक्सीजन बेड और 18 हजार आईसीयू बेड की जरूरत होगी. बता दें कि अब रोजोना संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 28 हजार से ज्यादा हो चुकी है. 

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि अभी मरीजों के भर्ती होने की दर बेहद कम है.

सत्येंद्र जैन का कहना है कि 27 हजार मामले सामने आने के बाद भी अस्पताल में भर्ती होने वाली मरीजों की दर उतनी ही है, जितनी 10 हजार मामले सामने आने पर थी. 

बीते दिसंबर महीने में WHO की 'सुनामी' वाली चेतावनी अब दिल्ली समेत पूरे भारत में सही होती दिख रही है.

दुनियाभर में बढ़ते कोरोना मामलों से अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. अमेरिका में ही इस वक्त 1.5 लाख से ज्यादा मरीज भर्ती हैं.

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