scorecardresearch
 

Coronavirus: क्या होता है महामारी एक्ट, जानें कब लगाती है सरकार?

देश में महामारी एक्ट लागू है. महामारी एक्ट में जो नियमों और आदेशों का उल्लंघन करेगा, वो अब अपराध है. महामारी एक्ट कोई राज्य सरकार तब लागू कर सकती है, जब उसे लगे कि महामारी की रोकथाम के लिए ये जरूरी है.

Advertisement
X
फाइल फोटो-पीटीआई
फाइल फोटो-पीटीआई

  • कोरोना को छुपाए नहीं बल्कि सामने आएं, वरना होगा एक्शन
  • यूपी-उत्तराखंड में की गई महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई

कोरोना वायरस के संकट से पूरी दुनिया जूझ रही है. भारत में भी इसका प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. इससे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें जहां उचित उपाय करने में जुटी हैं, वहीं कुछ लोग जरा सी सहूलियत के लिए गैर-जिम्मेदाराना कदम उठाकर कोरोना की लड़ाई को कमजोर बना रहा है.

भारत में कोरोना मरीजों की संख्या 334 तक पहुंच गई है. इस बीच कुछ मामले ऐसे आए हैं, जिसमें कुछ संक्रमित के परिजनों ने इसे छुपाना शुरू कर दिया है. इस तरह के मामले सामने आने के बाद सरकार को कानून का सहारा लेना पड़ा है, ताकि लोग कोरोना को छुपाए नहीं बल्कि सामने लाएं.

कब लागू कर सकती है सरकार?

Advertisement

देश में महामारी एक्ट लागू है. महामारी एक्ट में नियमों और आदेशों का उल्लंघन करना अब अपराध है. महामारी एक्ट कोई राज्य सरकार तब लागू कर सकती है, जब उसे लगे कि महामारी की रोकथाम के लिए ये जरूरी है. महामारी अधिनियम 1897 के लागू होने के बाद सरकारी आदेश को ना मानना अपराध है. आईपीएसी की धारा 188 के तहत इसमें सजा का प्रावधान है. ये एक्ट अधिकारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है.

जनता कर्फ्यू LIVE: कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ी जंग, रात 9 बजे तक के लिए सबकुछ बंद!

महामारी एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस

इस एक्ट के मुताबिक, अधिकारियों को लीगल सिक्योरिटी का अधिकार मिलता है. साथ ही कानून लागू कराते वक्त कुछ 19-20 होने पर जिम्मेदारी से भी मुक्त करता है. इस कानून के तहत उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में केस दर्ज होना शुरू हो गया है. वहीं, अन्य राज्यों की सरकारों ने महामारी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई का संकल्प दोहराया है.

कनिका कपूर की मुश्किलें बढ़ीं, सिंगर के खिलाफ लखनऊ में दर्ज की गई FIR

कनिका पर महामारी एक्ट के तहत हुई कार्रवाई

सिंगर कनिका कपूर के खिलाफ इसी एक्ट के तहत यूपी सरकार ने कार्रवाई की है. कनिका पर संवेदनशील मुद्दे पर जानकारी छिपाने के आरोप में आईपीसी धारा 188,269 और 270 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है. बता दें कि कोरोना के मामले विदेशों में भी छिपाए जाने के मामले सामने आए हैं.

Advertisement
Advertisement