उत्तर प्रदेश में आगरा कोरोना का एपीसेंटर बन गया है. अब तक यहां 750 से अधिक कंफर्म केस की पुष्टि हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा जैसे तीन शहरों में विशेष अभियान और निगरानी कराने के लिए वरिष्ठ आईएएस अफसरों की एक टीम तैनात की है. इन अफसरों को निर्देश दिया है कि यह लोग इन सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में कैंप करें.
इसके साथ ही आगरा मॉडल फेल होने की वजह से विपक्ष के निशाने पर आई योगी सरकार ने आगरा जिले के सीएमओ को हटा दिया है. सीएमओ के बारे में लगातार इलाज में लापरवाही की भी शिकायतें आ रही थी. इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार वत्स को हटाया गया है. उनकी जगह पर डॉक्टर आरसी पांडेय अब नए सीएमओ होंगे.
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गौरतलब है कि आगरा में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में रविवार को भी इजाफा हुआ. आगरा में संक्रमित मरीजों की संख्या 756 हो गई है. साथ ही आगरा में हॉटस्पॉट 44 हो गए हैं. आगरा में अब तक 9310 मरीजों के सैंपल्स लिए गए हैं. इनमें 756 मरीज ऐसे हैं जिनकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट सामने आई है.
वहीं, कोविड अस्पतालों में भर्ती 326 मरीज ठीक होकर घर वापस जा चुके हैं. 401 मरीज आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं और उनका इलाज किया जा रहा है. आगरा में कोरोना संक्रमित 25 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 हॉटस्पॉट ऐसे हैं जिनको बंद कर दिया गया है. आगरा में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए एल 1 आइसोलेशन बेड की संख्या 1220 है.
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आगरा के जिलाधिकारी का कहना है कि संक्रमण से निपटने के लिए पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं. हॉटस्पॉट एरिया में दूध, दवाई और सब्जी की सप्लाई कोरोना वॉरियर्स के माध्यम से करवाई जा रही है. इन इलाकों में किसी के भी आने जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. हॉटस्पॉट एरिया में जिला प्रशासन पूरी निगरानी रख रहा है.
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इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे को आगरा की देखभाल और कैंप करने के लिए कहा है. जिले से दिन में दो बार सरकार रिपोर्ट लेगी और उसके बाद आगे के दिशा निर्देश तय किए जाएंगे.