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कोरोनाः चीन से आएंगे 15,000 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, जानें अब तक विदेशों से कितनी मदद मिली?

देश में कोरोना संक्रमण से हालत खराब होते जा रहे हैं. पिछले एक हफ्ते से हर दिन साढ़े तीन लाख से ज्यादा नए केस और तीन हजार से ज्यादा मौतें हो रही हैं. ऐसे में अब दुनिया भारत की मदद के लिए आगे आ गई है. इस संकट में चीन भी दुश्मनी भुलाकर भारत की मदद कर रहा है.

विदेशों से अब तक भारत को काफी मदद मिली है. (फाइल फोटो-PTI) विदेशों से अब तक भारत को काफी मदद मिली है. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चीन से 1 लाख मास्क भी आए
  • 15,000 कंसंट्रेटर्स आने वाले हैं

देश में कोरोना संक्रमण से हालत बिगड़ती जा रही है. मरीज बढ़ते जा रहे हैं. अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहा है. ऑक्सीजन की कमी से लोगों की जान जा रही है. इस संकट की घड़ी में भारत का साथ देने के लिए दुनिया आगे आई है. अभी तक तो अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों से भारत को मदद मिल रही थी. लेकिन अब चीन भी दुश्मनी भुलाकर भारत की मदद के लिए आगे आया है.

भारत में चीन के राजदूत सुन वेईडोंग ने ट्वीट कर बताया कि चीन भारत को ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स देगा और भारत के लिए ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स और दूसरी मेडिकल डिवाइस का प्रोडक्शन करेगा. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भारत की मदद के लिए चीनी कंपनियां आगे आई हैं. वहां वर्कर दिन-रात बिना छुट्टी लिए काम कर रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा और जल्द से जल्द मेडिकल डिवाइस का प्रोडक्शन हो सके. 

सुन वेईडोंग के मुताबिक, रविवार को मुंबई में 1 लाख एन-95 मास्क पहुंच चुके हैं. और 15 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स जल्द ही भारत पहुंच जाएंगे. वेईडोंग का कहना है कि इससे भारत में ऑक्सीजन की कमी दूर होने की उम्मीद है.

सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि दुनियाभर से भारत को मदद भेजी जा रही है. अब तक कई देशों से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन सिलेंडर्स, बेडसाइड मॉनिटर्स, गॉगल, मास्क, पल्स ऑक्सीमीटर, टेस्टिंग किट्स, रेमडेसिविर समेत कई मेडिकल डिवाइस और दवाएं आ चुकी हैं.

वहीं, न्यूजीलैंड की तरफ से भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स आज भेजे गए. न्यूजीलैंड एंबेसी ने बताया कि आज 72 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स की खेप रवाना हो चुकी है, जो 6 मई तक दिल्ली पहुंच जाएगी.

विदेशी सप्लाई में अभी तक क्या आया?

  • ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स - 1,676
  • वेंटिलेटर्स - 965
  • ऑक्सीजन सिलेंडर्स - 1,799
  • ऑक्सीजन सिलेंडर रेगुलेटर्स - 1,023
  • ऑक्सीजन सिलेंडर एडाप्टर -20
  • ऑक्सीजन जनरेटिंग प्लांट - 1
  • ऑक्सीजन थैरेपी डिवाइस - 20
  • बेडसाइड मॉनिटर्स - 150
  • BiPAP, गॉगल्स, मास्क - 480
  • पल्स ऑक्सीमीटर - 210
  • रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किट - 8,84,000
  • N-95 फेस मास्क - 9,28,800
  • रेमडेसिविर - 1,36,000
  • इलेक्ट्रिक सिरींज पंप - 200
  • AFNOR/BS फ्लेक्सिबल ट्यूब - 28
  • एंटी बैक्टिरियल फिल्टर्स - 500
  • मशीन फिल्टर्स - 1000

वहीं, नीदरलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय भी भारत की मदद करना चाहता है, लेकिन जीएसटी की नियमों की वजह से ऐसा कर ही नहीं पा रहा. दरअसल, एम्सटर्डम में रहने वाले भारतीय भारत की मदद के लिए 50 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भेजना चाहते हैं, लेकिन वो एयरपोर्ट पर ही फंसे हुए हैं. वहां रहने वाले भारतीयों ने 'सपोर्ट ह्यूमैनिटी इंडिया' कैंपेन शुरू किया है.

वहां रहने वाले कैप्टन संजय शर्मा बताते हैं कि 'एंबेसी ने हमें बताया कि अगर हम ये डोनेशन रेड क्रॉस सोसायटी के माध्यम से करते हैं तो हमें 12% आईजीएसटी के साथ-साथ किराया भी नहीं देना होगा. हमने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वो यहां फ्री में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स एयरलिफ्ट कर ले जाएं. लेकिन वहां से कोई रिप्लाय नहीं आया.'

दरअसल, सरकार ने पहले पर्सनल यूज के लिए विदेश से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स आयात करने पर लगने वाले 12% आईजीएसटी में छूट नहीं दी थी. शुरुआत में सिर्फ उन्हीं में छूट थी, जो रेड क्रॉस सोसायटी के जरिए भारत आते थे. हालांकि, बाद में सरकार ने नियमों में ढील दे दी थी. उसके बावजूद नीदरलैंड में 50 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स अटके हैं.
 

 

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