scorecardresearch
 

WHO बोला- सिर्फ लॉकडाउन से नहीं रुकेगा कोरोना वायरस, चीन-सिंगापुर का मॉडल अपना सकता है भारत

कोरोना वायरस को रोकने के लिए भारत ने जो लॉकडाउन का कदम उठाया है उसकी WHO ने भी तारीफ की है. हालांकि, ये भी कहना है कि ये सिर्फ एक कदम है इसके अलावा भी कई कड़े फैसले लेने होंगे.

Advertisement
X
WHO के डॉ. ट्रेडोस ने की भारत की तारीफ
WHO के डॉ. ट्रेडोस ने की भारत की तारीफ

  • लॉकडाउन के फैसले की WHO ने की तारीफ
  • भारत ने समय रहते उठाया कड़ा फैसला: WHO
  • चीन-सिंगापुर मॉडल का इस्तेमाल कर सकता है भारत

कोरोना वायरस की महामारी दुनिया के हर देश पर अपना असर दिखा रहा है. भारत में अभी ये दूसरे स्टेज पर चल रही है और तीसरी स्टेज को टालने के लिए भारत ने 21 दिनों के लॉकडाउन जैसा कड़ा फैसला लिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी भारत के इस फैसले की तारीफ की है और कहा है कि भारत ने जल्दी ही देश में लॉकडाउन किया है जो एक सराहनीय कदम है. हालांकि, इसके साथ कुछ अन्य फैसले भी करने होंगे क्योंकि सिर्फ लॉकडाउन से इसका खतरा नहीं टलेगा.

आजतक संवाददाता अंकित कुमार के सवाल पर WHO चेयरमैन डॉ. ट्रेडोस, माइकल रेयान, डॉ. मारिया वैन ने भारत से जुड़े मसलों पर बात की. जब उनसे भारत के लॉकडाउन और तीसरी स्टेज पर सवाल पूछा गया तो कहा कि सिर्फ लॉकडाउन से कोरोना का खतरा नहीं टलता है.

Advertisement

WHO के चेयरमैन डॉ. ट्रेडोस ने कहा, ‘भारत के पास कोरोना को हराने की क्षमता है और ये अच्छी बात है कि उन्होंने काफी पहले ही लॉकडाउन करने का फैसला लिया है. तीसरी स्टेज को लेकर WHO चेयरमैन ने कहा कि जिन देशों में सही वक्त पर कड़े फैसले नहीं लिए गए और सावधानियां नहीं बरती गईं वहां पर इसका बुरा असर दिख रहा है, ऐसे में हर किसी के सामने यही चैलेंज है कि सही कदम उठाए जाएं.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

WHO के ही डॉ. रेयान ने कहा कि लॉकडाउन एक अच्छा कदम है, लेकिन अब आगे भारत को केस की तलाश करनी होगी. पीड़ित के संपर्क में जो भी आया है, उन्हें निगरानी में रखना होगा, अगर ये सब होता है तो कोरोना को बढ़ने से रोका जा सकता है. उन्होंने एक बार फिर कहा कि भारत ने पोलियो से दुनिया को निजात दिलाई है, ऐसे में कोरोना पर भी वह कमाल कर सकता है.

लॉकडाउन को लेकर डॉ. मारिया वैन बोलीं कि ऐसा नहीं है कि आप एक वक्त तक लॉकडाउन लगाकर इससे छुटकारा पा सकते हैं, आपको आगे अपने प्लान में बदलाव करना होगा. और जहां पर केस ज्यादा हैं वहां पर सावधानी बरतनी होंगी. ऐसे में चीन और सिंगापुर का मॉडल अपनाया जा सकता है, क्योंकि वहां पर अलग-अलग क्षेत्र में कई तरह के फैसले लिए गए हैं.

Advertisement

गौरतलब है कि दुनियाभर के एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोना वायरस के खतरे को सोशल डिस्टेंसिंग के फैसले से ही निपटा जा सकता है, जिसके बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन का ऐलान किया.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

Advertisement
Advertisement