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Corona: 12 दिन में महाराष्ट्र में 24 हजार संक्रमित मिले, फिर भी एक्सपर्ट क्यों बता रहे 'हल्की लहर'?

Coronavirus in Maharashtra: महाराष्ट्र में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है. हर बार की तरह इस बार भी मुंबई सबसे बुरी मार झेल रहा है. हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि मामले बढ़ने के बावजूद घबराने की जरूरत नहीं है. जानें एक्सपर्ट क्यों इसे 'हल्की लहर' बता रहे हैं?

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एक्सपर्ट का कहना है कि नई लहर में मरीजों में हल्के लक्षण हैं. (फाइल फोटो-PTI) एक्सपर्ट का कहना है कि नई लहर में मरीजों में हल्के लक्षण हैं. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महाराष्ट्र में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के नए मरीज
  • महाराष्ट्र में पॉजिटिविटी रेट 7 फीसदी के पार

Coronavirus in Maharashtra: देश में कोरोना ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. महाराष्ट्र में कोरोना की स्पीड बढ़ गई है. इसे ऐसे समझ सकते हैं कि देश में 24 घंटे में कोरोना के 8,084 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 36% से ज्यादा केस महाराष्ट्र के हैं. महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना मुंबई में फैल रहा है. 

हालांकि, संक्रमण बढ़ने के बावजूद एक्सपर्ट का मानना है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ज्यादातर मरीजों में बहुत हल्के लक्षण हैं और मौतों की संख्या भी स्थिर है. एक्सपर्ट का कहना है कि मरीजों का इलाज पैरासिटामोल से किया जा रहा है. उन्हें रेमडेसिविर देने की जरूरत नहीं पड़ रही है.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मई में महाराष्ट्र में कोरोना के 9,354 मामले सामने आए थे, जिनमें से 5,980 केस मुंबई में मिले थे. मई में 17 मरीजों की मौत भी हुई थी. वहीं, 1 से लेकर 12 जून के बीच महाराष्ट्र में 23,941 संक्रमित सामने आ चुके हैं, जिनमें से 14,945 अकेले मुंबई में मिले हैं. इस महीने 12 मौतें भी हो चुकीं हैं.

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पैरासिटामोल से ठीक हो जा रहे मरीज

जेजे अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुनील भैंसारे ने न्यूज एजेंसी को बताया कि भले ही कोरोना के मामलों में तेजी आई है, लेकिन मरीजों में हल्के लक्षण दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है. यहां विदेशी यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है. यहां से कोरोना से जुड़ी सारी पाबंदियां भी हटा ली गईं हैं, जिस वजह से मामले बढ़ रहे हैं.

भैंसारे इस समय सेंट जॉर्ज अस्पताल में कोविड फैसिलिटी को भी संभाल रहे हैं. उनका कहना है कि यहां 19 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से ज्यादातर या तो कैदी हैं या फिर पुलिस कस्टडी में रह रहे आरोपी हैं. उन्होंने बताया कि किसी भी मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं है. अगर उन्हें किसी भी तरह की शिकायत रहती है, तो भी उन्हें पैरासिटामोल और जरूरी इलाज दिया जा रहा है.

ये कोरोना की 'हल्की लहर' है

मुंबई स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मंजुषा अग्रवाल ने न्यूज एजेंसी को बताया कि नई लहर में मरीज 48 से 72 घंटे में ठीक हो जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि किसी भी मरीज को रेमडेसिविर की जरूरत नहीं पड़ रही है. मरीजों को कोई बड़ी समस्या भी नहीं रही है, जो बताता है कि वैक्सीन असरदार साबित हुई है.

संक्रमण बढ़ने के बाद बावजूद डॉ. अग्रवाल कहतीं हैं कि चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि ये 'हल्की लहर' है. उन्होंने कहा कि ये कोरोना की बाकी लहरों की तुलना में 'हल्की लहर' जरूर है, लेकिन सारे कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है.

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क्यों बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले?

बेंगलुरु स्थित टाटा इंस्टीट्यूट फॉर जेनेटिक्स एंड सोसाइटी के डायरेक्टर डॉ. राकेश मिश्रा ने न्यूज एजेंसी को बताया कि कोई नया वैरिएंट अभी तक नहीं आया है और अभी कोई नया वैरिएंट आने के संकेत भी नहीं है.

महाराष्ट्र में 28 मई को पहली बार ओमिक्रॉन के दो सब-वैरिएंट BA.4 और BA.5 मिले थे. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, चार मरीजों में BA.4 और तीन में BA.5 की पुष्टि हुई थी. इसके बाद 7 और 11 जून को भी पुणे में BA.5 का एक-एक केस सामने आया था.

मुंबई स्थित मसीना हॉस्पिटल में कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. सोनम सोलंकी ने न्यूज एजेंसाी को बताया कि पिछले हफ्ते से कोरोना के मामलों में तेजी आनी शुरू हुई है और अभी इसमें और तेजी आने की आशंका है. 

उन्होंने बताया कि BA.4 और BA.5 की वजह से मामलों में तेजी आ रही है. ये दोनों सब-वैरिएंट्स की गंभीरता भले ही कम है, लेकिन ये ज्यादा संक्रामक हैं. इससे संक्रमित होने पर ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण दिख रहे हैं. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण का खतरा ज्यादा है.

 

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