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कोरोना की रफ्तार ने बिगाड़ा अस्पतालों का हाल, दिल्ली-महाराष्ट्र में बेड्स को लेकर हाहाकार

कोरोना की बढ़ती रफ्तार के साथ ही अस्पतालों में संकट खड़ा हो गया है और अब कई जगहों पर बेड्स की कमी देखने को मिल रही है. दिल्ली से लेकर मुंबई जैसे बड़े शहरों के अलावा यूपी-बिहार और ओडिशा के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बेड्स की कमी रिपोर्ट की गई है.

कोरोना के कारण देश में हाहाकार (फोटो: PTI) कोरोना के कारण देश में हाहाकार (फोटो: PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना की बढ़ती रफ्तार से देश में हालात बेकाबू
  • दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में बेड्स की कमी
  • हर दिन बढ़ रहे मामलों ने बिगाड़े हालात

देश में इस वक्त कोरोना वायरस का तांडव चल रहा है. हर नया दिन कोरोना के नए मामलों का एक नया रिकॉर्ड लेकर आता है. सोमवार को अबतक के सबसे अधिक यानी 1.68 लाख केस रिपोर्ट किए गए और भारत कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित दुनिया का दूसरा देश बन गया. कोरोना की बढ़ती रफ्तार के साथ ही अस्पतालों में संकट खड़ा हो गया है और अब कई जगहों पर बेड्स की कमी देखने को मिल रही है.

दिल्ली से लेकर मुंबई जैसे बड़े शहरों के अलावा यूपी-बिहार और ओडिशा के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बेड्स की कमी रिपोर्ट की गई है. जिसके बाद कोरोना संकट हर किसी की चिंता को बढ़ा रहा है.

महाराष्ट्र में कोरोना का महासंकट
महाराष्ट्र में इस वक्त सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं, हर रोज़ आने वाले मामलों की संख्या भी महाराष्ट्र में ही सबसे ज्यादा है. ऐसे में यहां बेड्स को लेकर मारामारी मची है. बीते दिन जब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी कोर टीम के साथ बैठक की, तब आंकड़ा आया कि प्रदेश में 75 फीसदी आईसीयू बेड्स फुल हैं. इसके अलावा 40 फीसदी से ज्यादा ऑक्सीजन बेड्स फुल हो गए हैं. 

इतना ही नहीं, चिंता की बात ये है कि महाराष्ट्र में करीब एक दर्जन जिले ऐसे हैं जहां पर बेड्स ही खाली नहीं बचे हैं. ऐसे में अगर छोटे शहरों या जिलों में बेड्स नहीं बचते हैं, तो मुंबई-नासिक-पुणे जैसे शहरों पर बोझ बढ़ेगा, जो खुद ही कोरोना की मार से जूझ रहे हैं.

दिल्ली में भी बेड्स की कमी 
देश की राजधानी दिल्ली में भी कोरोना वायरस के कारण हालात बेकाबू हो रहे हैं. अब दिल्ली में भी दस हज़ार से अधिक मामले रिपोर्ट होने लगे हैं, जो एक रिकॉर्ड है. ऐसे में यहां बेड्स की कमी हो गई है. रविवार शाम तक के मुताबिक, दिल्ली में करीब 5 हजार बेड्स ही खाली पड़े हैं. जबकि वेंटिलेटर की बात करें तो 300 के करीब ही वेंटिलेटर बेड्स खाली हैं.

लेकिन सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि दिल्ली में छोटे-बड़े अस्पतालों में करीब 50 अस्पताल ऐसे हैं, जहां पर एक भी आईसीयू बेड या वेंटिलेटर बेड उपलब्ध नहीं है. बेड्स को लेकर मची मारामारी के बीच दिल्ली सरकार ने केंद्र से अपील की है कि राजधानी में जो केंद्र के अस्पताल हैं, वहां कोरोना बेड्स की संख्या बढ़ाई जाए. यहां अभी 1090 बेड्स हैं, जबकि पिछले साल ये संख्या 4 हज़ार तक थी. 

आपको बता दें कि दिल्ली और महाराष्ट्र के अलावा कई ऐसे राज्य हैं, जहां बेड्स की कमी है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हर दिन चार हजार के करीब मामले आ रहे हैं, ऐसे में वहां पर बेड्स को लेकर मारामारी बची है. यूपी सीएम ने प्रदेश में बेड्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. 

गौरतलब है कि देश में बीते दिन 1.68 लाख कोरोना के केस दर्ज किए गए, जो अबतक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, गुजरात ऐसे राज्य हैं, जहां हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं और हर दिन रिकॉर्ड टूट रहे हैं. 


 

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