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दिल्ली में कोरोना का कहर! बैंक्वेट हॉल बना कोरोना अस्पताल, 120 बेड्स की व्यवस्था

देश की राजधानी में महज एक दिन में कोरोना के मामलों ने 10 हजार का आंकड़ा पर कर लिया है. ये आंकड़ा कोरोना की शुरुआत से अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इस बीच दिल्ली में अस्थाई अस्पताल बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है.

बैंक्वेट हॉल बना कोरोना अस्पताल बैंक्वेट हॉल बना कोरोना अस्पताल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना काल में बारात घर फिर से कोविड सेंटर में तब्दील
  • दूसरी बार बारात घर को बनाया जा रहा कोविड सेंटर
  • 32 सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी मरीजों पर नजर

कोरोना मामलों में बढ़त के साथ ही कई प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में बेड्स की किल्लत नजर आ रही है. ऐसे में बेड्स की कमी को दूर करने के लिए सेंट्रल दिल्ली के लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल के ठीक सामने मौजूद शहनाई बैंक्वेट हॉल को 120 बेड वाला कोरोना अस्पताल बनाया जा रहा है.

दिल्ली में अप्रैल का महीना शादियों के लिए जाना जाता है, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से शादियों के लिए गुलजार रहने वाले बैंक्वेट हॉल सुनसान हो गए हैं और अब इनका इस्तेमाल कोरोना मरीजों के इलाज के लिए किया जा रहा है. हालांकि ये पहली बार नहीं है, बल्कि कोरोना की शुरुआत से अब तक ये दूसरी बार है, जब बारात घर को कोविड सेंटर में तब्दील किया है.

दिल्ली सरकार ने शहनाई बैंक्वेट हॉल को कोविड सेंटर बनाने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं. 'आजतक' की टीम ने रविवार को कोविड सेंटर का जायजा लिया और कोरोना मरीजों के लिए मेडिकल सुविधाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे 'डॉक्टर्स फॉर यू' (DFU) के अध्यक्ष से बातचीत की.

DFU अध्यक्ष रजत जैन ने बताया कि कोविड सेंटर में एक कोरोना मरीज को ऑक्सीजन से लेकर हर जरूरी ट्रीटमेंट मुहैया कराया जाएगा. रजत जैन ने कहा कि बहुत से लोग गंभीर बीमार नहीं होते हैं और डर की वजह से अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं और गंभीर रूप से बीमार कोरोना मरीज को बेड नहीं मिल पाता है.

कोविड सेंटर के बारे में बताते हुए रजत जैन ने कहा कि ऐसे मरीज जो होम आइसोलेशन के लिए फिट नहीं हैं या अकेले रहते हैं या उनके घर पर देखरेख के लिए कोई नहीं रहता है. तो कोविड सेंटर पर उनकी केयर की जाती है. इसके अलावा अगर कोविड सेंटर में किसी कोरोना मरीज की तबीयत बिगड़ती है तो उसे नजदीकी अस्पताल में तुरंत भर्ती किया जाता है.

शहनाई बैंक्वेट हॉल में व्यवस्था

1. कोरोना मरीज के लिए सभी 120 बेड्स के साथ ऑक्सीजन की व्यवस्था भी होगी, 24 घंटे होगी कोरोना मरीजों की देखरेख.
2. बैंक्वेट हॉल के करीब 32 सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी मरीजों पर नजर.
3. सुबह, शाम और रात की शिफ्ट में भर्ती हुए मरीजों के आधार पर होगी डॉक्टर्स, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती.
4. बैंक्वेट हॉल के भीतर ही मौजूद है कोरोना मरीजों के लिए बाथरूम की व्यवस्था.
5. सेंटर में साफ सफाई के लिए करीब 12 हाउस कीपिंग स्टाफ तैनात किए जाएंगे.
6. मरीजों के लिए सुबह चाय, नाश्ता, लंच, शाम को भी नाश्ता और डिनर की व्यवस्था होगी.

बता दें कि जब जून 2020 में दिल्ली में कोरोना से हालात बिगड़े थे तब भी शहनाई बैंक्वेट हॉल को कोविड सेंटर में तब्दील किया गया था. उस दौरान यहां 200 से ज्यादा कोरोना मरीजों का इलाज किया गया था. इसके अलावा पूर्वी दिल्ली के कॉमनवेल्थ विलेज में भी कोविड सेंटर बनाया गया था, जहां 2000 से ज्यादा कोरोना मरीजों का इलाज किया गया था. साउथ दिल्ली में देश का सबसे बड़ा सरदार पटेल कोविड सेंटर बनाया गया था, यहां 16 हजार से ज्यादा कोरोना मरीजों का इलाज किया गया था. 

 

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