कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच वेस्टर्न रेलवे (डब्ल्यूआर) और सेंट्रल रेलवे (सीआर) ने डब्ल्यूआर और सीआर (मुख्य लाइन और हॉर्बर लाइन) पर अपनी चयनित उपनगरीय सेवाओं (सब-अर्बन सर्विसेज) को फिर से शुरू करने का फैसला किया है. हालांकि ये सेवाएं राज्य सरकार द्वारा प्रमाणित जरूरी स्टाफ के लिए ही शुरू की गई है.
वेस्टर्न रेलवे के प्रवक्ता रविंदर भाकर अनुसार, डब्ल्यूआर सब-अर्बन सर्विसेज के लिए 73 जोड़ी ट्रेन चलाएगा जिसमें 8 जोड़ी ट्रेन विरार और दहांज रोड के बीच चलेगी जबकि 12 कार सब-अर्बन सर्विसेज (120 जिसमें 60 अप डायरेक्शन में 60 डाउन डायरेक्शन में) चर्चगेट और दहानू के बीच चलेगी.
ये सेवाएं आज सोमवार से राज्य सरकार परिभाषित प्रोटोकॉल और एसओपी के साथ, केवल आवश्यक कर्मचारियों के आने-जाने के लिए शुरू की गई हैं. ये ट्रेनें सुबह 5.30 से 11.30 रात बजे तक 15-15 मिनट के अंतराल से चलेंगी.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
अधिकतम ट्रेनें चर्चगेट और विरार के बीच होंगी, लेकिन कुछ दहानू रोड तक भी चलेंगी. सीसीजी और बोरिवली के बीच ये ट्रेनें तेज लोकल ट्रेन के रूप में चलेंगी और बोरिवली से आगे धीमी गति से चलेंगी.
सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता शिवाजा सुतार ने बताया कि सेंट्रल रेलवे ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित आवश्यक कर्मचारियों की आवाजाही के लिए मुंबई डिविजन (CR) की ईएमयू सेवाएं चलाने की योजना बनाई है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
1.25 लाख कर्मचारियों को मिलेगी राहत
100 अप और 100 डाउन के तहत कुल 200 ट्रेनें चलेंगी. ये ट्रेनें लोकल ट्रेनों की तरह चलेंगी और केवल प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी. CSMT से कसारा/करजात/कल्याण/ठाणे के बीच 130 ट्रेनें (65 अप+ 65 डाउन) चलेंगी, जबकि CSMT से पनवेल के बीच 70 ट्रेनें चलेंगी.
माना जा रहा है कि करीब 1.25 लाख आवश्यक कर्मचारी (वेस्टर्न रेलवे के 50 हजार समेत), हैं जिन्हें राज्य सरकार द्वारा चिन्हित किया गया है के इन ट्रेनों से यात्रा करने की उम्मीद है.
ये विशेष सब-अर्बन ट्रेनें सामान्य यात्रियों और जनता के लिए नहीं होंगी और केवल महाराष्ट्र सरकार द्वारा चिन्हित किए गए आवश्यक कर्मचारियों के लिए होंगी.
WR और CR में यात्रा को लेकर सामान्य प्रक्रिया ही अपनाई जाएगी और कुछ बुकिंग विंडो इसी के लिए खोली जाएंगी, जिस पर संबंधित कर्मचारियों को उनके सरकारी आईडी कार्ड दिखाने की सुविधा होगी. इस बीच सीजन टिकट की वैधता को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है.
राज्य सरकार द्वारा अनुमति प्राप्त स्टेशनों पर यूटीएस काउंटरों पर इसकी अनुमति दी जाएगी. यूटीएस काउंटर राज्य सरकार द्वारा अनुमति प्राप्त कर्मचारियों के लिए नए टिकट और सीजन टिकट भी जारी कर सकते हैं.
आईडी कार्ड से होगी एंट्री
साथ ही पहले से चल रही रेलवे की स्पेशल ट्रेनों की सेवाएं जारी रहेंगी. विभिन्न स्टेशनों पर आरपीएफ/जीआरपी/राज्य पुलिस की तैनाती की जाएगी.
इसे भी पढ़ें --- कोरोना: दिल्ली के लिए 500 रेलवे कोच देगी केंद्र सरकार, होगा बेड का इंतेजाम
राज्य सरकार द्वारा चिन्हित आवश्यक कर्मचारियों के आईडी कार्ड के माध्यम से ही स्टेशनों पर प्रवेश सख्ती से दिया जाएगा. बाद में, कर्मचारियों को क्यूआर आधारित ई-पास जारी किए जाएंगे जो स्विफ्ट टिकट चेकिंग को सक्षम करने के लिए कलर कोडिंग भी करेंगे. राज्य सरकार इसे सुनिश्चित करेगी.
रेलवे के साथ-साथ राज्य सरकार भी इन ट्रेनों में केवल आवश्यक कर्मचारियों को ही चढ़ने को लेकर सुनिश्चित करने के लिए कई दौर की जांच करेगी.
राज्य सरकार से यह भी आग्रह किया गया है कि यात्रा करने की अनुमति देने वाले सभी कर्मचारियों को लेकर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे मेडिकली फिट हैं और कंटटेनमेंट जोन से नहीं आते हैं.
आम लोगों से अपील
यात्रा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए ट्रेनों में जहां 1,200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है लेकिन अब प्रति ट्रेन केवल 700 यात्रियों की अनुमति दी गई है.
इसे भी पढ़ें --- मरीजों को न लौटा दें दिल्ली के अस्पताल, AAP सरकार ने तैनात किए अधिकारी
वेस्टर्न रेलवे (डब्ल्यूआर) और सेंट्रल रेलवे (सीआर) ने लोगों से अनुरोध किया है कि किसी भी अफवाह और अपडेट पर विश्वास न करें और जब भी बदलाव होगा, अपडेट किया जाएगा.