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कोरोना वैक्सीनेशन की धीमी रफ्तार, संसदीय समिति बोली- ऐसे तो कई साल लग जाएंगे

गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने देश में चल रहे टीकाकरण अभियान की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि इस दर से पूरी आबादी का टीकाकरण करने में कई साल लगेंगे.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 1% से कम आबादी को लगा वैक्सीन
  • वैक्सीनेशन पर समिति ने जताई चिंता

देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन टीकाकरण की रफ्तार अभी भी कम है. गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने देश में चल रहे टीकाकरण अभियान की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि इस दर से पूरी आबादी का टीकाकरण करने में कई साल लगेंगे.

गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'समिति COVID-19 के लिए चल रहे टीकाकरण प्रक्रिया पर ध्यान देती है और देखती है कि अब तक भारतीय जनसंख्या का 1 प्रतिशत से कम टीकाकरण हो पाया है और इस दर से पूरी आबादी का टीकाकरण करने में कई साल लगेंगे.'

कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाले इस समिति ने कहा कि यह बहुत गंभीर मुद्दा है कि बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं ले रहे हैं, क्योंकि वायरस का कहर फिर से लौट रहा है और दुनिया के अलग-अलग हिस्से में COVID-19 के नए रूप सामने आ रहे हैं.

गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने कहा, 'हम सभी फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों और सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों) और राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों के पुलिस कर्मियों को वैक्सीन की खुराक देने की सिफारिश करते हैं. एक प्रयास किया जाना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक कोरोना का टीका लगवाएं.'

उत्तराखंड के चमोली में हुए हादसे पर गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, मौसम विज्ञान और जल विज्ञान स्टेशनों, निगरानी स्टेशनों और मौसम स्टेशनों का एक नेटवर्क होना चाहिए.

 

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