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महाराष्ट्र में कोरोना की सख्त गाइडलाइन, पॉजिटिव मरीजों के हाथ पर लगाए जाएंगे स्टांप

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 15 हजार के करीब नए केस आए हैं और 48 लोगों की मौत हुई है. राज्य सरकार ने नागपुर में लॉकडाउन लगा दिया है. लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है.

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महाराष्ट्र में फिर से कोरोना डराने लगा (फाइल-पीटीआई)
महाराष्ट्र में फिर से कोरोना डराने लगा (फाइल-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सामाजिक, राजनैतिक जैसे आयोजनों पर रोक लगी
  • महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में 15 हजार नए केस

महाराष्ट्र में बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने कुछ कड़े फैसले लिए हैं. अब 31 मार्च तक सभी दफ्तर, मॉल, सिनेमा, होटल और रेस्टोरेंट 50 फीसदी क्षमता में काम करेंगे. हालांकि इन प्रतिबंधों में स्वास्थ्य और अतिआवश्क सेवाओं के लिए ये नियम लागू नहीं है. 

राज्य में किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक या धार्मिक आयोजन की इजाजत नहीं होगी. शादी में शामिल होने के लिए 50 से ज्यादा लोगों की इजाजत नहीं होगी तो अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सिर्फ 20 लोगों की इजाजत मिलेगी. यही नहीं कोरोना के पॉजिटिव मरीजों के हाथ पर स्टांप लगाई जाएगी.

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 15  हजार के करीब नए केस आए हैं और 48 लोगों की मौत हुई है. महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर में लॉकडाउन लगा दिया है. लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है, लेकिन लोग मान नहीं रहे. 

कोरोना का हॉटस्पॉट

अगर कहें कि महाराष्ट्र देश में कोरोना का हॉटस्पॉट बन गया है तो ये गलत नहीं होगा. महाराष्ट्र के सभी बड़े शहरों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं. 14 मार्च को पुणे में 3,259, नासिक में 1,344, मुंबई में 1,963, नागपुर में 2,353, ठाणे में 1,348 और औरंगाबाद में 903 लोग कोरोना के शिकार हुए हैं.

हालांकि अब चिंता सिर्फ महाराष्ट्र को लेकर नहीं है. देश के 5 राज्यों में भी कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं. 16,620 केस के साथ महाराष्ट्र सबसे ऊपर है. दूसरे नंबर पर केरल है, जहां 14 मार्च को 1,792 कोरोना के नए मरीज मिले. 

पीएम मोदी ने बुलाई बैठक

महामारी की वजह से बोर्ड की परीक्षा एक महीने के लिए आगे बढ़ाने वाले पंजाब में 1,492 केस, मध्य प्रदेश में 743 और राजधानी दिल्ली में कोरोना के 407 केस मिलने से कोरोना की चुनौती अचानक बढ़ गई है.

इस बीच कोरोना के खतरे की दस्तक हर दिन के साथ तेज हो रही है, जिसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सक्रिय हो गए हैं. प्रधानमंत्री ने कोरोना पर बुधवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है. इसी तरह कोरोना से प्रभावित पंजाब ने बोर्ड की परीक्षाओं को महीने भर के लिए टाल दिया है, जिसके बाद सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या कोरोना लौट रहा है. महाराष्ट्र के अगर आंकड़े देखें तो कोरोना रिटर्न्स की बात समझ में आती है.

देशभर में कोरोना के 2 लाख 19 हजार सक्रिय केस है, जिसमें 1 लाख 27 हजार केस अकेले महाराष्ट्र में हैं. मतलब महाराष्ट्र में देश के कुल 58% कोरोना के मरीज हैं.

पिछले 24 घंटे की बात करें तो देश में कोरोना के 26,291 नए केस मिले, जिसमें अकेले महाराष्ट का हिस्सा 16,620 है, यानी महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में देश के कुल 63 फीसदी कोरोना के मरीज मिले हैं.

नागपुर में लॉकडाउन

आंकड़े बता रहे हैं कि महाराष्ट्र में हालात चिंताजनक हैं. हो भी क्यों न. वहां पूरे 162 दिन बाद एक दिन में 16 हजार से ज्यादा केस सामने आए हैं, जिसे देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर में लॉकडाउन लगा दिया है. लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है, लेकिन लोग मान नहीं रहे.

कोरोना को लेकर सावधानी क्यों जरूरी है उसे आप अहमदाबाद के डॉक्टर दंपत्ति के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर से समझ सकते हैं. दोनों को वैक्सीन लग चुकी थी,  लेकिन उन्होंने ख्याल नहीं रखा. दरअसल, वैक्सीनेशन के शरीर में कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडी बनने में वक्त लगता है, इसीलिए डॉक्टर वैक्सीन लगने का बाद भी मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग की सलाह देते हैं 

ये घटना दिल्ली वालों के लिए सबक है. जो कोरोना को कुछ ज्यादा ही हल्के में लेते दिख रहे हैं. दिल्ली में चार दिन से कोरोना के 400 से ज्यादा केस दर्ज किए जा रहे थे. हालांकि आज इस पर ब्रेक लगा और आज कोरोना के 368 मामले सामने आए. फिर भी दिल्ली के मुख्यमंत्री लोगों को सतर्क रहने और सूखी होली खेलने की सलाह दे रहे हैं.

 

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