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स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेताया- कोरोना अभी खत्म नहीं, घर में ही मनाएं त्योहार

जानकारी दी गई है कि पिछले सात दिन में औसतन देश में 80 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है. वहीं दो दिन तो ऐसे भी रहे जब देश ने रिकॉर्ड एक करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई.

देश में बढ़ी वैक्सिनेशन गति देश में बढ़ी वैक्सिनेशन गति
स्टोरी हाइलाइट्स
  • देश में बढ़ी वैक्सीन गति
  • औसतन 80 लाख लोगों को लगा कोरोना टीका
  • कुछ राज्यों ने बढ़ाई चिंता, मामले ज्यादा

देश में कोरोना के मामले फिर तेजी से बढ़ने  लगे हैं. पिछले 24 घंटे में 47 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं. अब कोरोना के मामले तो बढ़ रहे हैं, इसके अलावा टीकाकरण की रफ्तार को भी बढ़ा दिया गया है. गुरुवार  को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोरोना स्थिति पर ताजा आंकड़े जारी कर दिए गए हैं.

देश में बढ़ी वैक्सीन गति

जानकारी दी गई है कि पिछले सात दिन में औसतन देश में 80 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया है. वहीं दो दिन तो ऐसे भी रहे जब देश ने रिकॉर्ड एक करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई. सरकार के मुताबिक अब पहले की तुलना में टीकाकरण की रफ्तार सुधर चुकी है और अब तक देश की  54% एडल्ट आबादी को वैक्सीन की पहली डोज मिल गई है, वहीं 16% ऐसे भी हैं जिन्होंने वैक्सीन की दोनों खुराक ले ली हैं. 18+ में भी देश ने  54% लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दे दी गई है. आंकड़े बताते हैं कि 6 राज्यों ने तो अपनी पूरी 100 प्रतिशत आबादी को वैक्सिनेट कर दिया है.

कुछ राज्यों ने बढ़ाई चिंता

लेकिन तेज टीकाकरण के बीच भी कोरोना मामलों का यूं फिर बढ़ना सरकार को चिंता में डाल रहा है. इस समय देश के 38 जिले ऐसे हैं जहां पर पॉजिटिविटी रेट 5% से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है. वहीं जब बात पूरे देश की आती है तो संक्रमण दर 2.62% चल रहा है जो दूसरी लहर के दौरान 20% से भी ज्यादा दर्ज किया गया था. ऐसे में पहली की तुलना में स्थिति सुधरी है, लेकिन तीसरी लहर का खतरा लगातार बना हुआ है.

डेल्टा का कहर

उस तीसरी लहर में डेल्टा प्लस को लेकर भी खतरा बढ़ता दिख रहा है. अभी देश में डेल्टा प्लस के 300 मामले सामने आ चुके हैं, इसमें भी महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा डेल्टा प्लस के केस सामने आ रहे हैं. इस खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने जोर देकर कहा है कि लोगों को त्योहार अभी भी घर की चार दिवारी में ही मनाने चाहिए. भीड़ में जाने से हर तरह से बचना होगा और अगर कोई जा भी रहा है तो कम से कम दोनों वैक्सीन की डोज का लगना जरूरी है.

इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बूस्टर डोज पर भी जरूरी जानकारी दी गई है. कहा गया है कि अभी तक WHO द्वारा इस पर कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी गई है. ऐसे में अभी वेट एंड वॉच वाली पॉलिसी पर काम किया जा रहा है. वहीं कोरोना के नए-नए वेरिएंट पर स्पष्ट कर दिया गया है कि देश को टेस्टिंग की सुविधा को सुधारना होगा.

गुलेरिया का रहा ये सुझाव

आजतक से बात करते हुए रणदीप गुलेरिया ने कहा था कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है और लोगों को तमाम सावधानियां बरतनी ही पड़ेंगी. उन्होंने ये भी सलाह दी थी कि अब छोटे बच्चों के लिए स्कूल को खोला जा सकता है. जिन राज्यों में संक्रमण दर कम है और स्थिति कंट्रोल दिखाई पड रही है, वहां पर अब बच्चों को स्कूल बुलाया जा सकता है. उन्होंने जोर देकर कहा है कि देश तीसरी लहर से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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