देश के कई हिस्सों में कोरोना वायरस की रफ्तार बेकाबू हो रही है. तमिलनाडु का चेन्नई भी उन्हीं शहरों में शामिल है. यहां सरकार ने कुछ दिनों के लिए फिर से लॉकडाउन लगाया है, ताकि कोरोना की रफ्तार को थामकर टेस्टिंग पर जोर दिया जाए. लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की जा रही है, इसी कड़ी में गुरुवार को चेन्नई की सड़कों पर राज्य की कमांडो फोर्स को उतार दिया गया है.
गुरुवार को नॉर्थ चेन्नई में राज्य की कमांडो फोर्स तैनात की गई, इस दौरान फोर्स ने फ्लैग मार्च किया. ताकि लोग लॉकडाउन का पालन करें. लोगों से अपील की जा रही है कि वो सिर्फ ज़रूरी सामान के लिए ही घर से बाहर निकलें, अगर बाहर आएं तो हफ्ते भर के लिए सामान खरीद लें.
दिल्ली: AIIMS में कल से शुरू होगी OPD, अभी नहीं दिखा पाएंगे नए मरीज
फ्लैग मार्च के दौरान अनाउंसमेंट भी किया जा रहा है और बच्चों, बूढ़ों से घरों में रहने की अपील की जा रही है.
आपको बता दें कि चेन्नई में पिछले कई दिनों से लगातार एक हजार से अधिक केस सामने आ रहे हैं, तमिलनाडु की सरकार शुरुआत से ही अधिक टेस्टिंग कर रही है और अब टेस्टिंग को और भी ज्यादा बढ़ा दिया गया है.
पिछले 24 घंटे में चेन्नई में करीब 1600 कोरोना वायरस के नए मामले सामने आए थे, जिसके साथ ही शहर में कुल मामलों की संख्य 45 हजार के करीब पहुंच गई है. सिर्फ चेन्नई में ही अबतक 600 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
दिल्ली: 6 जुलाई तक होगी हर घर की स्क्रीनिंग, कोविड रिस्पांस प्लान भी तैयार
चेन्नई भारत के उन शहरों में शामिल है, जहां पर कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले हैं. अभी दिल्ली में करीब 70 हजार और मुंबई में करीब 69 हजार कोरोना वायरस के केस हैं.
इतना ही नहीं हर रोज नए केस के मामले में चेन्नई दुनिया के टॉप दस शहरों में शामिल है. पूरे तमिलनाडु में अबतक कोरोना वायरस के करीब 68 हजार मामले सामने आ चुके हैं.