मुंबई में कोरोना वायरस के हालात को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता नीतीश राणे ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है. राणे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर बताया है कि कैसे मुंबई के कूपर हॉस्पिटल में दाखिल होने के बाद आधे घंटे के अंदर एक कोरोना मरीज की मौत हो गई. सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया है.
इस मामले में बृह्नमुंबई नगर पालिका (बीएमसी) का कहना है कि मरीज जब अस्पताल आया, तो उसी वक्त उसकी हालत खराब थी. उसके मुंह से खून आ रहा थे और वह गंभीर न्यूमोनिया से पीड़ित था. बीएमसी ने कहा है कि अस्पताल की तरफ से कोई कोताही नहीं बरती गई.
इस घटना पर नीतीश राणे ने मंगलवार को दो ट्वीट किए और सरकार पर निशाना साधा. ट्वीट में राणे ने कहा कि कूपर अस्पताल में बुखार से पीड़ित एक मरीज दाखिल हुआ था. डॉक्टरों ने उसे इंजेक्शन दिया लेकिन आधे घंटे के अंदर उसकी मौत हो गई. बाद में अस्पताल ने बताया कि मरीज कोविड से संक्रमित था. अगर यह सच है तो बहुत दुख की बात है.
This happened in cooper hospital where the patient was admitted for fever then doc gave him a injection n he expires in 30 mins .. after that hospital tells them he was a Covid positive!
If this is true..then it’s very sad!
No value for life anymore in mumbai !
— nitesh rane (@NiteshNRane)
दूसरे ट्वीट में राणे ने लिखा, अगर लोगों की गौर से आवाज सुनें.....वे कह रहे हैं.....बीएमसी अस्पतालों में जो भी आता है, वह कोरोना पॉजिटिव घोषित हो जाता है. क्या जो पार्टियां सत्ता में हैं उनके लिए कोविड कोई बिजनेस बन गया है? इसके लिए दोगुने तक बढ़ाकर टेंडर निकाले जाएं तो कोई आश्चर्य नहीं.
दूसरी ओर बीएमसी ने साफ किया है कि उसकी ओर से मरीज के इलाज में कोई गड़बड़ी नहीं हुई. बीएमसी अधिकारियों ने कहा कि रविवार को 10 बजे रात में 30 साल के एक व्यक्ति को इलाज के लिए कूपर अस्पताल लाया गया. मरीज के घरवालों ने कहा कि उसके मुंह से खून आ रहा है. अस्पताल में मौजूद सीनियर डॉक्टरों ने तत्काल जांच कराई और एक्स-रे करने के बाद इलाज शुरू कर दिया. हालांकि रात में 11.15 बजे मरीज की मौत हो गई.
बीएमसी ने कहा कि मरीज के एक्स-रे से पता चलता है कि वह न्यूमोनिया का शिकार था. कोविड-19 के कुछ लक्षण न्यूमोनिया से मिलते जुलते हैं. कोविड में न्यूमोनिया के कारण मरीज की मौत हो गई. मृतक के परिजनों ने शव दफनाने की मांग की. परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतक को घर ले जाने की इजाजत नहीं दी गई. नियम के मुताबिक अस्पताल ने पुलिस को शव सौंप दिया.