रूस ने कोरोना वायरस की दूसरी वैक्सीन EpiVacCorona को रजिस्टर्ड कर दिया है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को एक सरकारी बैठक में इसका ऐलान किया. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि हमें पहले और दूसरे टीके का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है. हम अपने विदेशी सहयोगियों के साथ सहयोग करना जारी रख रहे हैं और विदेशों में अपने टीके को बढ़ावा देंगे.
रूस ने पहली वैक्सीन का नाम Sputnik- V रखा है. दूसरी वैक्सीन को EpiVacCorona नाम दिया गया है. रूस ने EpiVacCorona वैक्सीन का निर्माण साइबेरिया के वर्ल्ड क्लास वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट (वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी) में किया है.
Novosibirsk-based Centre has registered a second coronavirus vaccine, . Unlike with the first Russian vaccine, Sputnik V, which is an adenovirus vector-based vaccine, the new one is a promising synthetic vaccine based on peptide.
— Russia in India (@RusEmbIndia)
वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी ने कोरोना वायरस की 13 संभावित वैक्सीन पर काम किया था. लैब में जानवरों पर इन वैक्सीन की जांच की गई थी.
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रूस ने दावा किया था कि उसकी पहली वैक्सीन में जिस तरह के साइड इफेक्ट्स थे, वो दूसरी वैक्सीन में नहीं हैं. यह वैक्सीन बेहद खुफिया तरीके से बनाई गई है. रूस ने दुनिया की पहली कोविड-19 वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन 11 अगस्त को कराया था.
यह काफी विवादों में रही क्योंकि तीसरे चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले ही इसे लॉन्च कर दिया गया. उधर, रूस EpiVacCorona को नवंबर में लॉन्च कर सकता है.