अगर आप पर एसबीआई का कोई रिटेल लोन चल रहा है तो आपके लिए थोड़ी राहत की खबर है. दरअसल, अगले तीन महीने तक आपको लोन की ईएमआई नहीं देनी पड़ेगी. ये जानकारी एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने दी है.
SBI के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि कर्जदारों के EMI की तीन किस्त को ऑटोमैटिकली टाल दिया गया है. इसके लिए ग्राहक को बैंक में अप्लाई करने की जरूरत नहीं है. वहीं एसबीआई के क्रेडिट कार्ड पेमेंट पर फिलहाल कोई राहत नहीं है. एसबीआई चेयरमैन ने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि 3 महीने तक ईएमआई पेमेंट नहीं देने की स्थिति में ग्राहकों के क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
आरबीआई ने दी थी सलाह
बता दें कि शुक्रवार सुबह आरबीआई ने बैंकों से लोन की ईएमआई दे रहे लोगों को 3 महीने तक के राहत की सलाह दी थी. आरबीआई ने ये सलाह लॉकडाउन की वजह से दी है. हालांकि, आरबीआई ने इसे अनिवार्य नहीं किया है. इसके बाद एसबीआई पहला बैंक हे जिसने ग्राहकों को राहत दी है. अब अन्य सरकारी और निजी बैंकों पर भी ग्राहकों के लोन की ईएमआई को 3 महीने तक बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है.
3 महीने बाद EMI का बहुत ज्यादा बोझ बढ़ेगा?
नहीं, ऐसा नहीं होगा. हां, ये जरूर संभव है कि बैंक आपकी मासिक किस्त को बढ़ा दें. इसके अलावा आपको टेन्योर के कुछ महीने बढ़ाने या वन टाइम सेटलमेंट का विकल्प भी मिल सकता है. वन टाइम सेटलमेंट के लिए 6 से 9 महीने का समय मिल सकता है.
ये पढ़ें—इस बार नहीं कटेगी आपके लोन की EMI? यहां जानें अपने 8 सवालों के जवाब
SBI ब्याज दर में सबसे बड़ी कटौती
इसके अलावा, एसबीआई ने लोन की ब्याज दर में अब तक की सबसे बड़ी कटौती की है. इसके बाद आपको नए लोन बेहद कम ब्याज पर मिलेंगे. इसके अलावा, आपके लोन की ईएमआई भी पहले के मुकाबले कम हो जाएगी. एसबीआई ने ये फैसला आरबीआई की ओर से रेपो रेट में की गई कटौती के बाद लिया है.
रेपो रेट में हुई है भारी कटौती
दरअसल, आरबीआई ने रेपो रेट में ऐतिहासिक 0.75% कटौती की है. इसके साथ ही आरबीआई ने बैंकों को इस कटौती का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने को कहा है. रेपो रेट कटौती के फैसले का एक्सपर्ट स्वागत करते हैं. Investonline.in के फाउंडर अभिनव अंगीरिश के मुताबिक लॉकडाउन के बीच आरबीआई का ये फैसला बिजनेस जगत को बूस्ट देगा. रेपो रेट कटौती से लोन सस्ते होंगे तो वहीं रिवर्स रेपो रेट कटौती का भी फायदा बैंकों को मिलेगा.