तब सोवियत संघ और चीन द्वारा समर्थित उत्तर कोरियाई सेना (कोरियाई
पीपुल्स आर्मी, केपीए) के सैनिकों ने सीमा पार करके 25 जून 1950 को दक्षिण
कोरिया में प्रवेश किया था, तब ये संघर्ष युद्ध में बदल गया था. दोनों देशों की सैन्य ताकत भले ही कम या ज्यादा हो, लेकिन नॉर्थ कोरिया में तानाशाही सरकार के कारण वहां से लोगों के पलायन की खबरें भी आती रहती हैं. वहीं नॉर्थ कोरिया ये दावा करता है कि उनके पास परमाणु ताकत है.