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Tata MF में पैसे लगाने का मौका, खुल गया NFO, केवल लगानी होगी इतनी रकम

टाटा एसेट मैनेजमेंट ने मल्टीकैप फंड लॉन्च किया है. इसमें आज से निवेश किया जा सकता है और 30 जनवरी तक ये स्कीम सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन रहेगी. टाटा मल्टीकैप फंड मे एकमुश्त कम से कम 5,000 रुपये निवेश करना होगा.

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टाटा एसेट मैनेजमेंट ने मल्टीकैप फंड लॉन्च किया है.
टाटा एसेट मैनेजमेंट ने मल्टीकैप फंड लॉन्च किया है.

टाटा एसेट मैनेजमेंट (Tata Asset Management) ने टाटा मल्टीकैप फंड लॉन्च किया है, जो लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप शेयरों में निवेश करने वाली एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है. न्यू फंड ऑफर (NFO) सब्सक्रिप्शन के लिए 16 जनवरी को ओपन हो गया. 30 जनवरी 2023 को एनएफओ बंद होगा. ओपन एंडेड स्कीम का मतलब ये होता है कि निवेशक कभी भी पैसा निकाल सकते हैं. टाटा की इस स्कीम का मकसद इक्विटी और इक्विटी से जुड़े सिक्‍युरिटीज में निवेश के जरिए लंबी अवधि में वेल्‍थ क्रिएट करना है.

इक्विटी फंड का बेंचमार्क इंडेक्स

टाटा म्‍यूचुअल फंड के अनुसार, टाटा मल्टीकैप फंड मे एकमुश्त कम से कम 5,000 रुपये निवेश कर सकते हैं. इसके बाद एक रुपये का मल्टीपल निवेश कर सकते हैं. इस इक्विटी फंड बेंचमार्क इंडेक्स  Nifty 500 Multicap 50:25:25 TRI है. इस स्कीम का मैनजमेंट टाटा एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (TAMPL) कर रही है. फंड से होने वाली कमाई इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 10 (23D) के तहत कर मुक्त है. 

दोबारा निवेश के लिए खुलेगी स्कीम

30 जनवरी को बंद होने के बाद यह स्कीम 9 फरवरी 2023 को दोबारा सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन होगी. टाटा एसेट मैनेजमेंट का कहना है कि टाटा मल्टीकैप फंड कॉम्बिनेशन पर काम करता है. हमारा मानना है कि टाटा मल्टीकैप फंड को अगले 3-5 वर्षों में भारत के लिए ब्रॉड-बेस्ड आर्थिक विकास की क्षमता को हासिल करने के लिए अच्छी तरह से तैयार किया जा सकता है.

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ऐसे निवेशक जो इक्विटी और इक्विटी रिलेटेड इन्‍स्‍ट्रूमेंट्स के जरिए लॉन्ग टर्म में कैपिटल एप्रिसिएशन चाहते हैं, उनके लिए यह एक शानदार ऑप्शन है. इक्विटी स्‍कीम में निवेशकों को लॉर्ज कैप, मिड कैप और स्‍मॉल कैप स्‍टॉक्‍स में निवेश करने का मौका मिलेगा. 

कौन हैं फंड मैनेजर्स?

किसी भी मल्टी कैप स्कीम्स में फंड हाउस को 75 फीसदी हिस्सा इक्विटी में निवेश करना जरूरी है. मिडकैप और स्मॉलकैप में ये हिस्सा 25-25 फीसदी का होता है. न्यू फंड ऑफर (NFO) के फंड मैनेजर्स राहुल सिंह (इक्विटी), मूर्ति नागराजन (डेब्ट) और अरविंदकुमार चेट्टी (फॉरेन)  हैं. वहीं, तेजस गुटका (इक्विटी) सह-फंड मैनेजर हैं.

क्या होता है एनएफओ?

अब आखिरी में थोड़ा समझ लेते हैं कि NFO होता क्या है. दरअसल, जब किसी कंपनी को अपना शेयर को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट कराना होता है, तो वो IPO लेकर आती है. इसी तरह जब कोई म्यूचुअल फंड हाउस नई स्कीम लेकर आता है, तो उसके इश्यू को न्यू फंड ऑफर (NFO) कहा जाता है. ऐसे ही टाटा म्यूचुअल फंड अपनी नई स्कीम लेकर आया है.
 

 

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